बिजनौर में डीएम को ज्ञापन देने पहुंचे कान्हा नंगला के ग्रामीण।
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एक कांटे पर तीन गांव और दूसरे पर 138 गांव का भार
बिजनौर। बिलाई मिल को गन्ना देने वाले कान्हा नंगला के किसानों ने मिल प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया है। डीएम को ज्ञापन देकर किसानों ने 138 गांवों का गन्ना एक कांटे व केवल तीन गांवों का गन्ना दूसरे कांटे पर तौलने का आरोप लगाया है।
डीएम रमाकांत पांडेय को दिए ज्ञापन में गांव के किसानों ने बताया कि बिलाई मिल में दो कांटों पर तौल होती है। एक कांटे पर 138 गांव के किसान गन्ना तुलवाते हैं। इनमें कुछ गांव ऐसे हैं जिनका पूरा गन्ना मिल में आता है तो कुछ का मिल गेट व क्रय केंद्र दोनों पर तुलता है। दूसरे कांटे पर केवल बिलाई, खेड़की व नांगल जट का गन्ना तौला जाता है। कहा कि पहले कांटे पर गन्ना तुलवाने में किसानों को 12 से 20 घंटे तक लगते हैं जबकि दूसरे कांटे पर केवल 10 से 15 मिनट। अगर पहले कांटे पर किसान घटतौली की शिकायत करते हैं तो दूसरे कांटे के किसानों के साथ मिलकर मिल प्रशासन किसानों की आवाज दबाने की कोशिश करता है।
कान्हा नंगलवा के किसानाें ने बताया कि उनके गांव के अलावा कुछ दूसरे गांवों के किसानों ने मिल चलने के बाद भी मिल को अब तक गन्ना आपूर्ति नहीं की है। किसानों ने दोनों कांटों पर तौल की एक सी व्यवस्था कराने या उनके गांव की तौल किसी अन्य मिल को स्थानांतरित कराने की मांग की है। डीएम ने मामले में कार्रवाई का का आश्वासन दिया है। बिलाई मिल के गन्ना महाप्रबंधक परोपकार सिंह का कहना है कि मिल में छह कांटों पर तौल हो रही है। सभी गांवों के किसानों के मिला-जुला गन्ना तौला जा रहा है। किसी को भी गन्ना तुलवाने में दो घंटे से ज्यादा समय नहीं लग रहा है। मिल प्रशासन पर लगे आरोप गलत है। इस दौरान किसान नितिन देशवाल, रक्षित कुमार, रॉकी चौधरी, कपिल कुमार, योगेंद्र सिंह, रामनाथ सिंह, राकेश कुमार, शिवम कुमार आदि मौजूद रहे।