कोरोना से धामपुर में दो महिलाओं सहित तीन की मौत
धामपुर (बिजनौर)। नगर क्षेत्र में रविवार को एक शिक्षक, शिक्षिका और वृद्धा सहित तीन लोगों की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई है। शिक्षक और शिक्षिका पंचायत चुनाव में ड्यूटी के दौरान संक्रमित हुए थे। वहीं, स्टेट बैंक कॉलोनी निवासी 75 वर्षीय सुशील देवी की मौत ऑक्सीजन न मिलने के कारण हुई है। कोरोना संक्रमित सुशील देवी को किसी भी अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। उनका घर पर ही उपचार चल रहा था। आक्सीजन खत्म होने के कारण उनकी मौत हो गई।
सुशीला देवी कोरोना पॉजिटिव थीं। उनके 40 वर्षीय पुत्र विशाल की भी कोरोना के कारण एक सप्ताह पहले मौत हो चुकी है। सप्ताह भर में मां-बेटे की मौत होने से परिवार में कोहराम मचा है। उनका दूसरा बेटा भी संक्रमित है। इसके बाद भी उसने मां को बचाने के लिए धामपुर से लेकर ऋषिकेश, हरिद्वार, कनखल, काशीपुर, मुरादाबाद तक एंबुलेंस से भ्रमण किया। लेकिन किसी ने उसकी मां को अस्पताल में भर्ती कर उपचार नहीं दिया है। दो दिन से वह मां का उपचार नगर के एक प्राइवेट डाक्टर से अपने घर पर ही करा रहा था। रविवार सुबह ऑक्सीजन खत्म हो गई है। ऑक्सीजन के लिए विक्की और उसके परिचितों ने काफी प्रयास किया, लेकिन आक्सीजन उपलब्ध नहीं हो सकी। जिसके कारण महिला की मौत हो गई।
वहीं, पिछले दिनों पंचायत चुनाव संपन्न कराने के दौरान कोराना संक्रमित हुई प्राइमरी विद्यालय मोहड़ा की प्रधानाध्यापिका गीता देवी (52) व पूर्व माध्यमिक विद्यालय नंगला गन्ना के अध्यापक संजीव कुमार (50) की मौत हो गई। दोनों चुनाव कराने के बाद से बीमार थे। जांच में दोनों के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। दोनों का जिला अस्पताल में उपचार कराया जा रहा था। जहां पर उनकी मौत हो गई। गौरतलब है कि बिजनौर मुहम्मदपुर देवमल के गांव दल्लू धनौरा के प्राइमरी स्कूल के शिक्षामित्र विकास चौधरी की भी कोरोना के चलते तीन दिन पहले मौत हुई है। बताया गया कि विकास चौधरी की भी नजीबाबाद ब्लाक में पंचायत चुनाव में ड्यूटी लगी थी।
कक्षा 12 की छात्रा ने दम तोड़ा
बिजनौर। नगर के एक इंटर कॉलेज की कक्षा 12 की छात्रा ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। छात्रा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसको सांस लेने में परेशानी हो रही थी। जिला अस्पताल में उसका उपचार चल रहा था। वहीं उसने अंतिम सांस ली। चिकित्सकों ने उसके संक्रमित होने की पुष्टि नहीं की है।