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Bijnor News: इस बार अमानगढ़ में पांच दिन पहले शुरू होगा पर्यटन सत्र

Tue, 28 Oct 2025 11:38 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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केहरीपुर में पर्यटन सत्र की तैयारी में जुटे श्रमिक। स्राेत विभाग
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बिजनौर। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में इस बार पर्यटकों को पांच दिन पहले ही जंगल सफारी का मौका मिलने जा रहा है। एक नवंबर की संभावित तिथि पर ही वन विभाग ने मुहर लगा दी है और नए सत्र की तैयारी शुरू कर दी है। दो दिन बाद जिले के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल से पर्यटन सत्र का उद्घाटन कराया जाएगा।
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पिछले साल अमानगढ़ में पर्यटन सत्र छह नवंबर को शुरू हुआ था। इस बार यह तिथि एक नवंबर की गई है। पिछले साल यहां पर साढ़े तीन हजार से ज्यादा पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया था।
इस बार एक नवंबर शनिवार को पर्यटन सत्र शुरू होने जा रहा है। वन विभाग ने जिला प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया है। ऐसे में मुरादाबाद से भी वन संरक्षक भी हिस्सा लेंगे।
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कैफेटेरिया पर स्थानीय व्यंजन का स्वाद मिलेगा
वन विभाग के एसडीओ अंशुमान मित्तल ने बताया कि कैफेटेरिया तैयार है। एक नवंबर को ही यह भी शुरू होगा। इसमें यहां आने वाले पर्यटकों को जलपान की व्यवस्था तो रहेगी, साथ ही स्थानीय व्यंजन भी परोसे जाएंगे।



जंगल सफारी के दौरान पौंड पर दिखेंगे वन्य जीव

अमानगढ़ में आने और जाने सहित जंगल सफारी का ट्रैक करीब 35 किलोमीटर निर्धारित है। इसमें करीब 17 किमी जाना और 18 किमी वापिस लौटना शामिल है। इसमें खास रहेगा कि रास्ते में पड़ने वाले पौंड को भी तैयार किया जा रहा है। यहां तक पर्यटक अपनी जिप्सी से जा सकेंगे और वन्य जीवों को निहार पाएंगे।


कभी कार्बेट पार्क का ही हिस्सा था अमानगढ़
अमानगढ़ रेंज कभी कार्बेट पार्क का ही हिस्सा हुआ करती थी। अमानगढ़ रेंज का रकबा 9500 हेक्टेयर है। इसमें करीब 8600 हेक्टेयर क्षेत्र टाइगर रिजर्व के तहत आता है। साल 2012 में अमानगढ़ वन रेंज को टाइगर रिजर्व का दर्जा मिला। यहां का मुख्य आकर्षण यहां के 32 बाघ हैं। इसके अलावा यहां पर सौ से ज्यादा हाथी, भालू, हिरण, गुलदार, किंग कोबरा, गिद्ध भी पर्यटकों को खूब लुभाते हैं।
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फीस में नहीं किया गया बदलाव
इस बार भी वन विभाग ने फीस में कोई बदलाव नहीं किया है। सफारी के लिए एक जिप्सी में पांच लोगों को जाने की अनुमति होगी। इसके लिए पर्यटकों को 2280 रुपये फीस देनी होगी। इसमें एक गाइड के लिए 400 रुपये और प्रति पर्यटक 200 रुपये फीस अलग से देनी होगी।




अगले साल से मिल जाएगी होम स्टे की सुविधा
अभी तक पर्यटकों के रुकने के लिए अमानगढ़ में कोई व्यवस्था नहीं है। पर्यटकों को जंगल सफारी के बाद यहां से वापिस लौटना पड़ता है। ऐसे में वन विभाग ग्रामणों को होम स्टे तैयार करने के लिए भी प्रेरित कर रहा है। इसके लिए एक गांव देवानंदपुर गढ़ी को चिह्नित भी किया गया है। ताकि इसे मॉडल के तौर पर तैयार कराया जा सके। इको सेंसेटिव जोन की स्थिति साफ होने के बाद इन पर काम कराया जाएगा।

वर्जन
शनिवार को पर्यटन सत्र शुरू हो जाएगा। पर्यटक जंगल सफारी कर पाएंगे। हमने पूरी तैयारी कर ली है। किराये में बदलाव नहीं है। इस बार पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। -जय सिंह कुशवाह, डीएफओ बिजनौर
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