मेरे देश का गौरव है ये, मेरे देश की शान है हिंदी..
नजीबाबाद। अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था की ओर से हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियों ने हिंदी को समर्पित रचनाएं प्रस्तुत की।
संस्था के वरिष्ठ साहित्यकार अजय जौहरी व वरिष्ठ कवयित्री मंजू जौहरी के आवास पर आयोजित काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता संस्था के संरक्षक राजेंद्र त्यागी ने की। गोष्ठी में जयप्रकाश जौली ने कहा, हिंदी भाषा लिखने के लिए ही हम अपने कदम उठाएंगे.., बेगराज यादव ने पढ़ा, अंग्रेजी अंकल कह रिश्तों को गुमराह करती.., अशोक सविता ने रचना प्रस्तुत की कि प्रेमचंद के गोदान का हीरो होरी है, हर घर के लिए नाली जरूरी है.., कुमुद कुमार ने पढ़ा, माटी है हिंद की हिंदी का जयघोष हो.., मंजू जौहरी ने कहा, मेरे देश का गौरव है ये मेरे देश की शान है हिंदी.., राजेश मिश्रा ने कहा लगाकर हिंदी के पोस्टर अंग्रेजी में काम करते हो.., निशा अग्रवाल ने हिंदी गंगा जैसी निर्मल गंगा जल सी पावन है..।
अजय जौहरी ने कहा फीका फीका सब जगह बिकता देखा.., प्रदीप डेजी ने पढ़ा, नमन हिंदी को है जिसने हमें जीना सिखाया है.., राजेंद्र त्यागी ने कहा, हिंदी को अंग्रेजी से कम क्यों तोलते हैं लोग, शिशु मंदिर की जगह कान्वेंट क्यों खोलते हैं लोग.. आदि रचनाएं प्रस्तुत कीं। गोष्ठी में संस्था के अध्यक्ष प्रदीप डेजी, शिवकुमार आदि मौजूद रहे।