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तीसरी लहर गर्भवती महिलाओं के लिए बनेगी मुसीबत

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तीसरी लहर गर्भवती महिलाओं के लिए बनेगी मुसीबत
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बिजनौर। कोरोना की दूसरी लहर से सबक तो लिया गया, लेकिन अगली लहर से निपटने की तैयारी में अब भी कुछ खामियां हैं। जिला महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के प्रसव के लिए अब तक इंतजाम नहीं हो पाए हैं। सामान्य प्रसव तो यहां हो सकते हैं, लेकिन सर्जरी की दशा में मरीजों को बाहर ही भेजा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग को शासन से इस कार्य को करने के लिए अलग से दो चिकित्सक तक नहीं मिले हैं।
कोरोना की संभावित अगली लहर से बचाव के लिए पूरी तैयारी की जा रही है। अब नाइट कर्फ्यू भी लागू कर दिया गया है। कोरोना से बचाव के लिए कोविड वार्ड भी बनाए जा चुके हैं और ऑक्सीजन प्लांट भी बन चुके हैं, लेकिन बचाव के कुछ मुद्दों पर अभी काम नहीं हुआ है। आम बीमारियों, यहां तक कि कोरोना से जुड़ी दवाई की जानकारी भी फोन पर ली जा सकती है, लेकिन प्रसव जैसे मामलों को टाला नहीं जा सकता है। जिला महिला अस्पताल में कोरोना संक्रमित महिलाओं के लिए प्रसव की अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है। अब भी महिलाओं के प्रसव से पहले उनकी कोरोना संक्रमण की जांच होती है। जांच में अगर कोई महिला संक्रमित मिलती है तो उसका एक बार को सामान्य प्रसव तो महिला अस्पताल में हो सकता है, लेकिन अगर संक्रमित महिला का ऑपरेशन करना हो तो फिर उसे मुरादाबाद रेफर किया जाता है। जिला महिला अस्पताल में संक्रमित महिला का ऑपरेशन नहीं हो सकता है।
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पांच महिलाओं के हुए थे सामान्य प्रसव
कोरोना की दूसरी लहर के समय पांच महिलाओं के सामान्य प्रसव जिला अस्पताल में हुए थे। इन्हें अलग रखा गया था। तीन महिलाओं को ऑपरेशन की स्थिति में रेफर कर दिया गया था। संक्रमित महिला के सामान्य प्रसव में स्टाफ पूरी पीपीई किट आदि पहनकर प्रसव कराता है, लेकिन सर्जरी के समय विशेष परिस्थितियों का ध्यान रखना पड़ता है।
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शासन से की है मांग : सीएमओ
सीएमओ डॉ. विजय कुमार गोयल के अनुसार महिला अस्पताल में संक्रमित गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन कराने के लिए शासन से स्टाफ, चिकित्सकों की मांग की गई है। प्रसव से जुड़े मामलों में पूरी सतर्कता से काम किया जा रहा है।
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