गजरौला शिव। गजरौला शिव क्षेत्र आज भी नियमित यातायात सुविधा से महरूम है। गजरौला शिव से मंडावर, किरतपुर और भागूवाला जाने के लिए रोडवेज बस सेवा नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बिजनौर से गजरौला शिव आने-जाने के लिए केवल ई-रिक्शा और ऑटो ही सहारा हैं लेकिन मंडावर और किरतपुर के लिए कोई सार्वजनिक यातायात साधन नहीं है। मंडावर जाने के लिए ग्रामीणों को करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य मार्ग से बसों में बैठना पड़ता है जबकि किरतपुर के लिए या तो बिजनौर होकर जाना पड़ता है या फिर करीब तीन किलोमीटर दूर स्वाहेड़ी पहुंचकर बस पकड़नी होती है। ग्रामीणों के अनुसार गजरौला शिव, मुकीपुर धर्मसी और गजरौला अचपल समेत तीन ग्राम पंचायतों से जुड़ा बड़ा क्षेत्र है, जहां से प्रतिदिन एक हजार से अधिक लोग आवागमन करते हैं। विद्यार्थियों, नौकरीपेशा, मरीजों और किसानों को सबसे अधिक दिक्कत उठानी पड़ती है।
गांव निवासी मनोज कुमार, देव प्रकाश एडवोकेट, डॉ. योगेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान मोहम्मद इरफान और शशांक राजपूत समेत कई ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजनौर से गजरौला शिव, मंडावर, भागूवाला और गजरौला होते हुए किरतपुर तक रोडवेज बसों का संचालन शुरू किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार एआरएम और आरएम से बस संचालन की मांग कर चुके हैं लेकिन हर बार मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
वर्ष 1979 में शुरू हुआ था बस संचालन
गजरौला शिव निवासी ठाकुर सिंह, रामचंद्र सिंह और पीयूष कुमार त्रिपाठी ने बताया कि गांव में रोडवेज बसों का संचालन पहली बार वर्ष 1979 में शुरू हुआ था। उस समय प्रदेश सरकार में श्रम मंत्री रहे क्रांति कुमार के प्रयासों से बिजनौर से मंडावर, भागूवाला, हरिद्वार और देहरादून जाने वाली समस्त बसों का संचालन शुरू कराया गया था। 2000 तक यह सेवा जारी रही लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया। ग्रामीणों का दावा है कि आज भी विभागीय अभिलेखों में इस रूट का संचालन दर्ज है, लेकिन धरातल पर कोई बस नहीं चल रही।