नहीं हो रहा उठान, चीनी से भरने लगे गोदाम
बिजनौर। चीनी की खपत न बढ़ने और उठान न होने से चीनी मिलों के सामने परेशानी खड़ी होने लगी है। मिलों के गोदाम चीनी से भरने लगे हैं। चीनी न उठने की वजह से नजीबाबाद चीनी मिल का गोदाम भर गया है। मिल प्रशासन ने चीनी रखने के लिए बिजनौर और मुजफ्फरनगर में गोदाम किराए पर लिया है। बाकी चीनी मिल भी गोदाम किराए पर लेंगी।
जिले में सभी चीनी मिल पूरी क्षमता से गन्ना पेराई कर रही हैं। पिछले साल चीनी का बंपर उत्पादन हुआ, लेकिन कोरोना के कारण लगे लॉक डाउन की वजह से चीनी की खपत बहुत कम हो गई। जनता ने अपने खानपान में मीठी चीजों से परहेज करना शुरू कर दिया। लॉक डाउन खुलने के बाद हालात थोड़े सामान्य तो हुए, लेकिन चीनी का उठान पहले की तरह नहीं हुआ। बाद में कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने आंदोलन करते हुए गाजीपुर बॉर्डर सहित कई जगह पर चक्का जाम कर दिया गया। जिसकी वजह से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान को जाने वाली चीनी का उठान महीनों तक बाधित रहा। पूरे साल ऐसे ही काम होते रहे, जिससे चीनी की खपत या उठान कम हुआ। इसका नुकसान चीनी मिलों और किसान दोनों को हुआ। खपत और उठान कम होने से चीनी के दाम न्यूनतम स्तर पर पहुंच गए हैं और चीनी न बिकने से भुगतान भी प्रभावित हुआ है।
चीनी मिल चीनी
धामपुर 16.21
स्योहारा 14.55
बिलाई 12.10
बहादरपुर 9.53
बरकातपुर 9.89
बुंदकी 9.42
चांदपुर 5.22
बिजनौर 3.32
नजीबाबाद 4.01
कुल 84.25
नोट : चीनी के आंकड़े लाख क्विंटल में हैं।
चीनी उठान नहीं होने से बढ़ी समस्या
बिजनौर चीनी मिल के प्रशासनिक अधिकारी एके सिंह के अनुसार चीनी का उठान कम हो रहा है। ऐसे ही हालात रहे तो जल्दी ही मिल का गोदाम भर जाएगा। चीनी रखने की वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी। अफजलगढ़ चीनी मिल के मुख्य महाप्रबंधक एसपी सिंह के अनुसार मिल में गोदाम भरने वाला है। चीनी उठान कम होने की वजह से परेशानी हो रही है। यही हाल रहा तो चीनी रखने के लिए दूसरे स्थानों पर गोदाम तलाशने पडे़ंगे।