पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश होने से कोटावाली नदी गुरुवार को उफान पर रही। गांव रामपुर चाठा के पास कोटावाली नदी में कार्य कर रही एक जेसीबी भी डूब गई। चालक ने बामुश्किल से अपनी जान बचाई। वहीं कोटावाली नदी रपटे पर पानी आने से तीन घंटे तक वाहनों का आवागमन बंद रहा।
भागूवाला क्षेत्र के गांव रामपुर चाठा में कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से जेसीबी से कोटावाली नदी में कार्य कराया जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने से गुरुवार को करीब 12 बजे कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ गया। नदी में अचानक पानी आने से वहां कार्य कर रही जेसीबी डूब गई है। चालक ने नदी का जलस्तबर बढ़ता देख अपनी जान बचाई।
उधर, कोटावाली नदी रपटे पर करीब तीन फीट पानी बहने से वाहनों का आवागमन करीब ढाई घंटे ठप रहा। दोपहर 12 बजे कोटावाली नदी रपटे पर पानी आने से पुलिसकर्मियों ने बड़े वाहनों के गुजरने पर रोक लगा दी। भारी वाहनों समेत रोडवेज बसों के यात्रियों ने अपने गंतव्य जाने को घंटों इंतजार किया, जबकि दोपहिया वाहनों की आवाजाही नदी पर बने पुल से होती रही। भागूवाला चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि नदी रपटे पर जलस्तर सामान्य होने पर दोपहर ढाई बजे के बाद पुलिसकर्मियों ने वाहनों का आवागमन शुरू कराया।
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रामपुर चाठा में कृषि भूमि का हुआ कटान
कोटावाली नदी ने गुरुवार को गांव रामपुर चाठा में कृषि भूमि का कटान किया। ग्रामीण शशीनाथ, रूपराम, शाहिद, अय्यूब, अरविंद त्यागी, रामलाल का कहना है कि कोटावाली नदी से गांव रामपुर चाठा के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ने से हर बार गांव की ओर कटान होता है, पिछले एक माह से दर्जनों किसानों की कई बीघा कृषि भूमि नदी में समा चुकी है। नदी से गांव की दूरी मात्र 90 मीटर है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव की सुरक्षा के लिए पक्के तटबंध बनाने की मांग की है।
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