बिजनौर के कालागढ़ में पंतनगर के इंजीनियरिंग कॉलेज में आत्महत्या करने वाला शिवांश चौहान अपने परिवार का इकलौता पुत्र था। उत्तराखंड राज्य की बोर्ड परीक्षा की मेधावी सूची में भी उसने अपना स्थान बनाया था।
पंतनगर के इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक के चतुर्थ वर्ष के छात्र शिवांश चौहान की मौत की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर है। उसके शव के गांव नारायणवाला पहुंचने के कुछ समय बाद ही शोकाकुल परिवार उसे अंतिम संस्कार के लिए रामगंगा नदी के तट पर लेकर गए और वहां उसका अंतिम संस्कार किया गया। कालागढ़ की नई कॉलोनी में ए-94 निवासी शिवांश के पिता वीरेंद्र चौहान ने बताया कि वह शुरू से ही मेधावी था।
कालागढ़ के विद्यामंदिर से उसने 2016 में हाईस्कूल की परीक्षा सम्मान सहित उत्तीर्ण की थी। 2018 में इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा जसपुर के विद्यालय से 95 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। उत्तराखंड विद्यालय बोर्ड की राज्य स्तरीय मेधावी सूची में 10वीं रैंक पाई थी। उसके स्वभाव से नहीं लगता था कि वह ऐसा कोई कदम उठा सकता है। कुछ ही दिन पूर्व वह घर आया था।
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वहीं बुधवार को जैसे ही उसकी मौत की सूचना मिली तो परिवार पंतनगर पहुंच गया। परिजन पोस्टमार्टम के बाद बेटे के शव को लेकर गांव पहुंचे। परिवार का इकलौता चिराग बुझ जाने से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शिवांश के पिता वीरेंद्र सिंह कालागढ़ के विद्यामंदिर में अध्यापक के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अब वह एक निजी स्कूल में पढ़ा रहे हैं।
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