जलीलपुर- चारपाई के नाव के सहारे सुरक्षित स्थान को जाता परिवार
जलीलपुर। क्षेत्र में बाढ़ से बदतर हालात हो गए हैं। खेत-खलिहानों के साथ ही गांव भी जलमग्न हैं। बीमारों को अस्पताल तक पहुंचाने में भी लोगों को जान-जोखिम में डालनी पड़ रही है।
टापू बन चुके गांव रायपुर खादर से एक गर्भवती महिला को छह किलोमीटर दूर लाने में 30 घंटे लग गए। इससे पहले मंगलवार को ग्रामीणों ने एक महिला को ट्यूब के सहारे अस्पताल पहुंचाया था। डिलीवरी के बाद उसे नवजात के साथ फिर इसी तरह गांव ले जाया गया।
बुधवार को गांव रायपुर खादर निवासी जोनी सिंह की पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई तो उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन गांव में पानी का बहाव इतना था कि परिजन उसे ले जाने की हिम्मत नहीं कर सके। रात भर महिला प्रसव पीड़ा से जूझती रही। परिजनों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। बृहस्पतिवार को पीएसी का राहत दल बोट लेकर गांव तक पहुंचा।
इस बोट के सहारे महिला को जलीलपुर तक ले जाया गया। करीब छह किलोमीटर दूर पहुंचने में महिला को 30 घंटे लग गए। उधर, मंगलवार को गांव रायपुर खादर निवासी विपिन कुमार की पत्नी पूनम को प्रसव पीड़ा होने पर ग्रामीण किसी तरह चारपाई पर लिटाकर अस्पताल ले गए, जहां उसने एक बेटी को जन्म दिया। परिजन महिला और नवजात को ट्यूब पर चारपाई डालकर उस पर लिटाकर घर लेकर आए।
बीते आठ अगस्त को भी गांव स्याली की एक महिला को रात में एसडीआरएफ की टीम ने अस्पताल पहुंचाया था। गांव रायपुर खादर, जलालपुर खादर आदि में मेहनत मजदूरी करने वाले लोगों की बड़ी संख्या है। करीब दो सौ मजदूर काम पर नहीं जा पा रहे हैं। गांव सलेमपुर खादर, मीरापुर सीकरी, रायपुर खादर, जलालपुर खादर, कुम्हरिया आदि के बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। संवाद