रामगंगा नदी में डूबने वाले बिजेंद्र का फाइल फोटो।
अफजलगढ़ (बिजनाैर)। भूतपुरी रामगंगा नदी घाट पर गणपति जी की मूर्ति का विसर्जन करते हुए डूबे उत्तराखंड के जसपुर के मोहल्ला नत्था सिंह निवासी दो भाई धर्मेंद्र कश्यप (36), विजेंद्र सिंह कश्यप (34) पुत्र करन सिंह के शव 43 घंटे बाद बृहस्पतिवार को घटना स्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर बरामद हो गए। दोनों के शव मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
बीते मंगलवार शाम लगभग साढ़े चार बजे दोनों भाई करीब 50 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ मूर्ति विसर्जित करने के लिए भूतपुरी स्थित रामंगगा घाट पर आए थे। दोनों नदी में बह गए थे। बृहस्पतिवार को पीएसी, स्थानीय गोताखोरों की टीम ने सुबह आठ बजे तलाशी अभियान चलाया तो धर्मेंद्र कश्यप का शव पानी में मिल गया। करीब एक घंटे बाद छोटे भाई विजेंद्र का शव भी उससे लगभग 100 मीटर की दूरी पर मिल गया।
दोनों भाई मजदूरी करते थे। धर्मेंद्र के दो बच्चे हैं। वहीं विजेंद्र कश्यप के तीन बच्चे हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सीओ आलोक सिंह ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। मामले में आवश्यक कार्रवाई कराई जा रही है।
रामगंगा नदी में डूबने वाले बिजेंद्र का फाइल फोटो।