बिजनौर। जनपद में आत्महत्या की घटनाएं बढ़ती जा रही है।जरा सी परेशानी में लोग आत्महत्या कर रहे हैं। इसका कारण मनोरोगी होना भी माना जा रहा है। टूटते रिश्ते और जरा सी डांट ना झेल पाना भी आत्महत्या का कारण बन रहा है। जनपद बिजनौर में पिछले दो महीने में लगभग 40 लोग आत्महत्या कर चुके हैं। इनमें छात्र से लेकर बुजुर्ग तक शामिल है। बीमारी से परेशान होकर और गृह क्लेश से तंग आकर भी लोग आत्महत्या कर रहे हैं ।
केस नंबर 1
थाना किरतपुर के ग्राम भोजपुर निवासी कक्षा 9 के छात्र जितेंद्र उर्फ काका ने घर की ऊपर की मंजिल के बरामदे में लगे छत के कड़े से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
केस नंबर 2
3 फरवरी 2025 को नगीना के गांव हरगांव चांदन निवासी अमित शर्मा ने नगीना के मोहल्ला तूफान कॉलोनी में मकान में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अमित शर्मा घर में अकेला था।
केस नंबर 3
हरेवली में एक शिक्षक ने लंबी बीमारी से तंग आकर अपने सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।शिक्षक प्रकाश वीर हरेवाली में स्थित सावित्रीबाई फुले इंटर कॉलेज में कार्यरत थे और पिछले 3 साल से बीमार थे।उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
केस नंबर 4
जनपद के स्योहरा क्षेत्र के ग्राम अलीयारपुर में एक युवक ने पुलिस की मेरिट लिस्ट में नाम ने आने से आहत होकर ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर लीग् थी। ग्राम अलीयारपुर निवासी नरेंद्र सैनी ने यूपी पुलिस भर्ती की परीक्षा दी थी ।जिसमें मेरिट में नाम न आने पर निराश होकर नरेंद्र ने आत्महत्या कर ली थी।