फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bijnor News: घर में ही टूटती रही जिंदगी की डोर, कहीं अपनों ने मारा, कहीं खुद ही दी जान

विज्ञापन
विज्ञापन
- साल 2025 में 100 से अधिक लोगों ने खुद ही काट ली जीवन की डोर
विज्ञापन

- हत्या के तमाम मामलों में अपनों ने ही रंग लिए खून से हाथ

संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। परसों सूरज की पहली किरण के साथ ही नए साल का आगाज होगा। मगर साल 2025 दरक रहे रिश्तों और घर में ही टूटती जिंदगी की डोर का कड़वा अनुभव दे गया। दरअसल इस साल 18 हत्याओं में अपनों ने ही खून से हाथ रंग लिए जबकि 100 से अधिक लोगों ने खुद ही जान दे दी। जिन्होंने समाज ही नहीं बल्कि पारिवारिक रिश्तों को भी खूब झकझोरा।

अपनों के हाथों ने इन्होंने गंवा दी जान.....
केस नंबर एक :
- 14 मार्च को नूरपुर के गांव धौलागढ़ में राहुल की हत्या उसके पिता विनोद वाल्मीकि ने चाकू घोंपकर कर दी थी। होली के दिन इस घटना को अंजाम दिया था।


- चार अप्रैल को नजीबाबाद में शिवानी ने रेलवे में तैनात अपने पति दीपक की हत्या कर दी थी। आरोपी ने नौकरी पाने के लिए अपना सुहाग उजाड़ने से भी परहेज नहीं किया था।
विज्ञापन

- छह अप्रैल को किरतपुर के गांव गोविंदपुर में सत्येंद्र उर्फ मोंटी बजरंगी की हत्या उसके पिता बलराज और सौतेली मां ने गला काटकर की थी। मृतक अपने हिस्से की जमीन मांग रहा था।

- 16 अप्रैल को थाना मंडावली के गांव मोहनपुर में जयपाल के चार साल के बेटे परम की हत्या उसकी चचेरी बहन ने कर दी थी। गलाघोंटकर हत्या करने के बाद शव को सैप्टिक टैंक में फेंक दिया था।
- खुद ही जान देने वालों के प्रमुख मामले

केस नंबर एक: 28 दिसंबर को शहर कोतवाली के गांव दारानगर गंज में मोनू सैनी से फंदे से लटककर आत्महत्या की। मोनू ने यह कदम पत्नी के मायके चले जाने के कारण उठाया।

केस नंबर दो :: चांदपुर के गांव मीरापुर पाहुली में सरिता ने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। यह आत्मघाती कदम घर में चल रही कलह के कारण उठाया। हालांकि मायके वालों ने इसे हत्या बताया।

केस नंबर तीन:: 29 नवंबर को चांदपुर के गांव जमालुद्दीनपुर में प्रेमी युगल अंशु और शिवानी ने पेड़ पर फंदा लगाकर जान दे दी थी। शिवानी का रिश्ता कहीं और तय होने के कारण इस जोड़े ने आत्महत्या की राह को चुना था।

केस नंबर चार:: 28 नवंबर को धामपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी विपुल कुमार और उसकी प्रेमिका जगर निगलकर जान दे दी थी। फोन पर बात करते हुए दोनों ने जहर निगल लिया था।
विज्ञापन


केस नंबर पांच:: छह दिसंबर को हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के गांव मुबारकपुर खादर में बाबूराम ने अपनी दो बेटियों को दिव्यांशु (5) और हर्षिका (3) को जहर देने के बाद खुद ही निगल लिया था। जिसमें तीनों की मौत हो गई थी। पत्नी से अनबन के बाद यह कदम उठाया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें