नजीबाबाद। महिला चिकित्सालय में जन्मी नवजात बच्ची को देने के मामले में सीएमओ की टीम और बाल संरक्षण अधिकारी ने अस्पताल पहुंचकर जांच की और सभी के बयान दर्ज किए। नवजात कहा हैं, अभी तक किसी को जानकारी नहीं है।
सीएमओ डॉ. कौशलेंद्र कुमार, डिप्टी सीएमओ आरके विश्वकर्मा, डीपीएम फारूख अजीज की टीम महिला चिकित्सालय पहुंची और जांच की। टीम ने नर्स उमा, नांगल की आशा किरण, बच्चा लेने वाली प्रेमपुरी निवासी रूपा, एंबुलेंस चालक श्री निवासी और ईएमटी विनोद कुमार के बयान दर्ज किए।
सीएमओ डॉ. कौशलेंद्र कुमार ने बच्ची की खरीद फरोख्त की बात से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस से पिता की मर्जी से बच्ची को रवाना किया गया था। मंडावली में बच्ची को किसी को सौंपे जाने की जांच चल रही है। संबंधित मामला पुलिस को सौंपा जाएगा। उधर, बाल संरक्षण अधिकारी रूबी गुप्ता ने मामले को संज्ञान में लेते हुए अस्पताल पहुंचकर प्रकरण की जानकारी की।
यह है मामला
नांगलसोती के बड़तला निवासी कौशल की पत्नी रेखा ने 17 मई को पुत्री को जन्म दिया था। देर शाम अस्पताल ने प्रसूता को डिस्चार्ज कर दिया। पिता ने नवजात बच्ची को अस्पताल की नर्स उमा द्वारा बताई गई प्रेमपुरी निवासी स्वास्थ्य विभाग की आशा रूपा को दे दिया। अब कौशल बच्ची को बेचने की आशंका जताते हुए उसे वापस दिलाने की गुहार लगा रहा है।
कहां है बच्ची, नहीं लगा सुराग
छह दिन बाद नवजात कहां है पिता और स्वास्थ्य विभाग को प्रारंभिक जांच में पता नहीं चला। आरोपी आशा कभी देहरादून, कभी फरीदाबाद तो कभी अन्य स्थान पर बच्ची होने की बात कहती है।