शराब बेचने का लक्ष्य 700 करोड़, छुड़ाने को एक हजार
बिजनौर। वैैसे तो शराब से दूर रहने की सभी दुहाई देते हैं। वहीं, जिले में एक साल के लिए आबकारी विभाग को शराब बेचने के लिए 700 करोड़ राजस्व का लक्ष्य दिया गया है। वहीं, 40 लाख की आबादी को नशे की बुराई समझाने के लिए एक हजार रुपये साल भर के लिए प्रदेश सरकार की ओर से दिए जा रहे हैं। गजब तो ये है कि जिले में मद्य निषेद्य विभाग का कोई अधिकारी तैनात नहीं है। मुरादाबाद में बैठे अधिकारी से ही सारा काम चल रहा है। इस अधिकारी पर आठ जिलों का चार्ज है।
जिले के युवा नशे की दलदल में फंस रहे हैं, कोई शराब, बीयर तो कोई सुल्फा, अफीम या फ्लूड का नशा कर रहा है। पुराने जिन लोगों ने नशे की लत को पकड़ लिया है वे अपनी आदत नहीं छोड़ रहे। नशे की वजह से तमाम घर बर्बाद हो गए हैं। दिन ढलते ही युवा और बुजुर्ग शराब के पीने में जुट जाते हैं। गांव देहात के खादर में बन रही देशी शराब को पीने से भी लोग बाज नहीं आ रहे। खादर में चोरी छिपे शराब की भट्ठी खूब धधक रही हैं। जिले में आबकारी विभाग को शराब बेचने के लिए एक साल का 700 करोड़ राजस्व का लक्ष्य दिया गया है। लक्ष्य को पूरा करने में विभाग पूरी ताकत झोंक देता है। आबकारी विभाग के पास पूरे जिले में 25 अधिकारी और कर्मचारी हैं।
वहीं, बात नशा मुक्ति की करें तो शराब के सेवन से लोगों को रोकने के लिए जागरूक करने को शासन की ओर से केवल एक हजार रुपये दिए गए हैं। केंद्र सरकार की ओर से भी इस बार 20 हजार का बजट जागरूकता कार्यक्रम के लिए जारी किया गया है। मद्य निषेद्य विभाग के पास शराब से दूर रहने को लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी दी जाती है। लेकिन विभाग का कोई अधिकारी जिले में तैनात नहीं है। मुरादाबाद में तैनात जिल मद्य निषेद्य अधिकारी गगन यादव के पास बिजनौर जिले के अलावा मंडल के आठ जिलों की जिम्मेदारी है। वे ही शासन से आए धन से प्रचार प्रसार कराते हैं।
दर्जनों लोगों की जान ले चुका नशा
नांगल थाने के गांव चंदोक में 2005 में क्षेत्र पंचायत के चुनाव में दी गई शराब से छह लोगों की मौत हुई थी। कई की आंखों की रोशनी चली गई थी। नहटौर थाने के गांव रूखछियो में 2010 में चुनाव में शराब पीने से दो लोगों की जान चली गई थी। गांव साहनपुर नवादा में 2019 में एक व्यक्ति की जान गई थी। स्योहारा थाने के गांव दीदारपुर में शराब पीने से 2018 में दो लोगों की मौत हुई थी।
लोगों को कर रहे जागरूक : मद्य निषेद्य अधिकारी
मुरादाबाद के मद्य निषेद्य अधिकारी गगन यादव के मुताबिक लोगों को जागरूक करने के लिए एक हजार रुपये एक साल के लिए दिए जाते हैं। वे इस धन से प्रचार प्रसार कराते हैं। वॉल पेंटिगं व अन्य कार्य कराते हैं। बिजनौर जिले के अलाव आठ जिलों का कार्यभार वे देख रहे हैं।