बिजनौर में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनरतले पुरानी पेंशन बहाल कराने सहित विभिन्न मांगों के समर्थन में कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों की हड़ताल से कृषि, कोषागार, रजिस्ट्री, चकबंदी, निर्वाचन, सिंचाई, ग्राम्य विकास, स्वास्थ्य, गन्ना विभाग, कृषि आदि विभागों में काम प्रभावित रहा। हालांकि किसी भी कार्यालय में तालाबंदी नहीं रही।
बुधवार को हड़ताल के पहले दिन कर्मचारी विकास भवन में एकत्र हुए और मांगों को पूरा कराने के लिए नारेबाजी की। परिषद जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नवंबर 2013 में 11 दिन की हड़ताल के बाद प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट के समक्ष कर्मचारियों की मांगों को जायज मानते हुए समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था। इसके बाद प्रांतीय नेतृत्व के साथ मुख्य सचिव की कई मांगों पर लिखित समझौता हुआ, लेकिन समझौतों में शामिल शर्तों को लागू नहीं किया गया। महामंत्री देशराज सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान बहुत आवश्यक है। इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हड़ताल में गजेंद्र शर्मा, मेहर सिंह, नरेंद्र सिंह, अशोक यादव, दिनेश भंडारी, कुसुम चौहान, पूरमबाला, रूपधारा, नीलम, अनीता, अशमा, मधु जौहरी, ललित कुमार, शूरवीर सिंह, मोहम्मद अकबर, देवेंद्र सिंह, नीरज तोमर आदि रहे।
वहीं नगीना में उपनिबंधक कार्यालय में कार्यरत निबंधन लिपिक कृष्ण पाल सिंह के नेतृत्व में कार्यालय का समस्त स्टाफ हड़ताल पर रहा। कार्यालय में हड़ताल रहने के कारण दिन भर होने वाले बैनामे, नकल, मुआयना आदि का कार्य बुरी तरह प्रभावित रहा। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से बैनामा कराने वाले लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। वहीं बैनामा करने वाले दस्तावेज लेखकों, टाइपिस्टों आैर अधिवक्ताओं का कार्य भी प्रभावित रहा।
फार्मेसिस्ट रहे हड़ताल पर
बिजनौर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन ने भी जिला चिकित्सालय में हड़ताल की। संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गजेंद्र शर्मा ने बताया कि मरीजों की परेशानी को देखते हुए फार्मेसिस्टों ने हड़ताल सुबह आठ बजे 11 बजे तक की। वक्ताओं ने सरकार से पुरानी पेंशन व्यवस्था, नकदीकरण की बहाली, कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की भांति समस्त भत्तों की समानता प्रदान करने, निजीकरण आउटसोर्सिंग, ठेकेदारी व्यवस्था पूर्णत: समाप्त कर नियमित प्रकृति के पदों पर नियमित भर्ती करने, रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्ति करने, मोटरसाइकिल भत्ता देने, वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग की। धरने में दिलीप सिंह, जेपी सिंह ने किया। धरने में मुख्य फार्मेसी अधिकारी कमलचंद, राजेश कुमार रवि, राम सिंह, आनंद प्रकाश, सतेंद्र अमौली, जेडी सकलानी, पुष्पेंद्र सिंह, मनोज शर्मा आदि रहे।