शेरकोट। शुक्रवार सवेरे बच्चों को लेकर जा रही नगर के बाबू जी मेमोरियल स्कूल की बस सामने आ रही बैलगाड़ी को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर एचटी लाइन के खंभे से टकराने के बाद सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई।
बस में चीख पुकार मच गई। मौके पर आए लोगों ने बच्चों को बाहर निकाला। हादसे में 12 बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए है जबकि अन्य 48 बच्चों को मामूली चोटें आई हैं। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चों को निजी अस्पताल भिजवाया गया। इस दौरान अभिभावकों में भी अफरातफरी मची रही।
घायलों में भव्या (4) पुत्री राहुल, अराधना (10), इशिका (8), आरजू, जीवांशु, उबैर (10) पुत्र शाहनवाज, आयुषी पुत्री मुनेश पाल, अर्बपाल और परी पुत्री हरिओम शामिल हैं। तीन बच्चों का धामपुर के अस्पताल में उपचार कराया गया। गनीमत रही कि जब बस एचटी लाइन के खंभे से टकराई तो उस समय लाइन में करंट नहीं था। पुलिस ने जेसीबी की मदद से बस को गड्ढे से निकलवाकर कब्जे में लिया है।
ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि हादसे के वक्त बस की रफ्तार ज्यादा थी। स्कूल की बसें जर्जर स्थिति में हैं। क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जाता है। मैनेजमेंट से शिकायत करने पर सुनवाई नहीं होती।
बस के कागजात नहीं थे पूरे, संचालन पर लगी थी रोक : दुर्घटनाग्रस्त बस के कागजात पूरे नहीं थे। एआरटीओ बिजनौर गौरी शंकर का कहना है कि नौ जुलाई को वाहन चेकिंग के दौरान इस विद्यालय की एक बस को सीज किया गया था।
जो बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है, दस जुलाई को की गई जांच में उसके कागजात वैध नहीं पाए गए थे। इसके चलते बस के संचालन पर रोक लगाकर नोटिस जारी किया गया था, लेकिन आदेशों का उल्लंघन कर बस का संचालन किया जा रहा था। विभाग की ओर से आरोपी प्रबंधन के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
शेरकोट में हुए बस हादसे के बाद मां की गोद में बैठा घायल बच्चा- फोटो : परिजन।