बिजनौर। बरसात के मौसम में बच्चों की आंखों में एलर्जी की समस्या बढ़ रही है। इस समस्या के मेडिकल कॉलेज में रोजाना 20 मरीज तक पहुंच रहे हैं। मौसम में बढ़ी नमी, फफूंद, दूषित पानी और संक्रमण के कारण बच्चों में आंखों की एलर्जी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनीश शर्मा ने बताया कि बरसात के दौरान वातावरण में नमी अधिक रहने से फफूंद और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। दूषित पानी के संपर्क में आने, गंदे हाथों से आंखों को बार-बार छूने और बारिश के पानी में खेलने से संक्रमण और एलर्जी का खतरा बढ़ रहा है। इसके चलते बच्चों की आंखों में लालिमा, खुजली, जलन, सूजन, पानी आना और चिपचिपापन जैसी समस्या हो रही है। ऐसे में बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा या आई ड्रॉप का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
ये बरतें सावधानी
-बच्चों को गंदे हाथों से आंखें न छूने दें
-व्यक्तिगत तौलिया और रूमाल का उपयोग कराएं
-आंखों में जलन या लालिमा होने पर चिकित्सक से परामर्श लें
-चिकित्सक के परामर्श पर ही आंखों में आई ड्रॉप डालें
अभिभावक बच्चों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखें। इस समय नमी, फफूंद, दूषित पानी की वजह से एलर्जी की समस्या हो रही है। इसलिए, समय पर उपचार और सावधानी बरतने से एलर्जी से आसानी से बचाव किया जा सकता है।
....डॉ. रजनीश शर्मा, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर