बिजनौर के जंगल में घूूमता सारस का जोड़ा।
बिजनौर। जिले में राज्य पक्षी सारस का कुनबा बढ़ा रहा है। जिसकी तस्वीर अब हुई गणना में साफ हो चुकी है। जिले में 139 सारस पाए गए हैं। दरअसल इस संरक्षित प्रजाति की सालभर में दो बार गणना होती है।
जिले में पंद्रह दिसंबर तक हुई गणना के आंकड़े जारी किए गए हैं। वन विभाग की ओर से बताया गया कि जिले में अलग अलग जगहों पर 139 सारस मिले हैं। बता दें कि पिछले साल दिसंबर के महीने में गणना हुई थी, उस वक्त सारस की संख्या महज 117 थी। इस साल ग्रीष्मकालीन गणना जून के महीने में हुई। जून में सारस की संख्या की 122 हो गई थी। जून से लेकर अब तक 17 की बढ़ोतरी हुई है। जिसके चलते जिले में अब 139 सारस हो गए हैं।
- संरक्षित श्रेणी में शामिल है यह प्रजाति
राज्य पक्षी सारस को संरक्षित श्रेणी में रखा गया है। क्योंकि बदलते परिवेश और घटती आद्रता जमीनों के चलते इस प्रजाति पर संकट बना हुआ है। ऐसे में सरकार की ओर से संरक्षित श्रेणी में रखा गया है। जिसके संरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
वर्जन : शीतकालीन सारस गणना हुई है। जिले में राज्य पक्षी सारस की संख्या में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। सारस संरक्षण के लिए कार्ययोजना बनाकर पहले ही भेजी जा चुकी है। जिससे आद्र भूमियों के कमांड एरिया को उपचारित करके राज्य पक्षी सारस के प्राकृतिक पर्यावास को संरक्षित किया जा सके। - ज्ञान सिंह, एसडीओ वन विभाग