बिजनौर/बेगावाला। बीते चार दिनों से बिजनौर गंगा बैराज के तटबंध को कटान से बचाने की कवायद चल रही है। नेशनल हाईवे के अमले ने भी सड़क का निर्माण छोड़ तटबंध को फिर से बनाने में ताकत झोंक दी। सिंचाई विभाग का तकनीकी सहयोग मिला और आस पास के गांव वालों का श्रमदान, आखिरकार टूटे हुए तटबंध के पीछे से ही नए तटबंध का निर्माण किर दिया गया है।
बिजनौर गंगा बैराज के तटबंध को गंगा की धारा ने रविवार से तोड़ना चालू कर दिया गया था। तटबंध को गंगा में समाता देख पहले तो कटान से बचाने के प्रयास किए गए। तमाम प्रयास के बाद ही तटबंध नहीं बच पाया तो फिर उसके बराबर में नया तटबंध बनाना चालू किया गया। करीब 72 घंटे लगातार काम करने के बाद नया तटबंध तैयार कर लिया गया है। हालांकि इस बीच कई बार ऐसा लगा कि गंगा की धारा तटबंध के बाहर आकर बाढ़ ला सकती है। इसी क्रम में 12 गांव को खाली करने के आदेश जारी कर दिए गए थे। बाकायदा राहत शिविर भी बना दिए गए। लोगों ने घरों से अपना सामान निकालकर पलायन की पूरी योजना तैयार कर ली थी।
इसी बीच जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग ने हिम्मत नहीं हारी। प्रशासन के निर्देश पर हाईवे निर्माण करने वाली कंपनी ने अपने तमाम संशाधन जैसे कि जेसीबी, डंपर आदि मशीनरी भेज दी। डंपरो से मिट्टी लाकर टूटे हुए तटबंध के बराबर नया तटबंध बनाया जाने लगा। बृहस्पतिवार की शाम तक करीब 900 मीटर लंबे तटबंध का निर्माण कर लिया गया है। हालांकि कटान का खतरा अभी बना हुआ है जिससे बचने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
श्रमदान करते रहे आस पास के लोग
यूं तो सिंचाई विभाग के ठेकेदार और उनके श्रमिक लगे हुए थे, मगर इनके इतर सिख और बंगाली समाज के लोगों ने भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। साथ ही राजस्व की टीम भी डटी रही। एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर डटी हुई है जोकि हर संभव मदद देती रही।
जिपं अध्यक्ष ने आरती कर मां गंगा से कटान रोकने की प्रार्थना की
गंगा समिति की ओर से गंगा के किनारे मां गंगा की आरती की गई। जिसमें विशेष रुप से जिला पंचायत अध्यक्ष सकेंद्र प्रताप शामिल हुए। उन्होंने मां गंगा से कटान को रोकने के लिए कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की। इसके साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपनी टीम के साथ पहुंचकर श्रमदान कर रहे लोगों को खाने के पैकेट वितरित किए।
युद्ध स्तर पर चल रहा तटबंध पर काम: डीएम
डीएम जसजीत कौर ने कहा कि तटबंध अभी सुरक्षित है। उपाये युद्ध स्तर पर किए जा रहे हैं। तटबंध को मरम्मत करके पानी पूरा रोक दिया जाए। ग्रामीण भी मदद में लगे हैं। मरम्मत कार्य की निगरानी के लिए हमारे अधिकारी मौके पर तैनात हैं।
आज तटबंध का निरीक्षण करेंगे जलशक्ति मंत्री
शुक्रवार को जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह दोपहर 12.35 बजे बिजनौर बैराज पहुंचेंगे। इसके बाद वह तटबंध का निरीक्षण करेंगे। साथ ही अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे।
चंदक क्षेत्र में गलखा मंदिर के पास कटान को रोकने के लिए मिट्टी लगाती जेसीबी। संवाद
चंदक क्षेत्र में गलखा मंदिर के पास कटान को रोकने के लिए मिट्टी लगाती जेसीबी। संवाद
चंदक क्षेत्र में गलखा मंदिर के पास कटान को रोकने के लिए मिट्टी लगाती जेसीबी। संवाद