धामपुर। सांसद चंद्रशेखर आजाद ने स्मार्ट विद्युत मीटर के मुद्दे को लोकसभा में उठाया। कहा कि प्राइवेट कंपनियां पहले इस्तेमाल करो-फिर विश्वास करो की बात करती हैं। पर ऐसा नहीं है। वर्तमान व्यवस्था में गरीबों के सामने पहले बिल भरो-फिर बिजली जैसी स्थिति बन गई है।
सांसद ने कहा कि देश में करोड़ों लोग ऐसे हैं ,जो रोजाना मेहनत करके दिहाड़ी कमाते हैं। कई दिनों तक काम नहीं मिलता। उनकी आमदनी रुक जाती है। ऐसे में वे समय पर बिजली बिल जमा नहीं कर पाते हैं तो उनकी बिजली आपूर्ति काट दी जाती है। जब घर में अंधेरा होगा, तो बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी। आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं पर अप्रत्यक्ष दबाव बनाया जा रहा है, जिससे उन्हें नई प्रणाली अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
जवाब में ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने स्पष्ट करते कहा कि देश में कहीं भी स्मार्ट मीटर जबरन नहीं लगाए जा रहे हैं। यह स्वैच्छिक व्यवस्था है। कोई भी व्यक्ति चाहे तो अपने पुराने मीटर सिस्टम को जारी रख सकता है।