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हिचकोले खाती अर्थव्यवस्था को मयकशों का सहारा

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हिचकोले खाती अर्थव्यवस्था को मयकशों का सहारा
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अचल चौधरी
बिजनौर। एक ओर जहां शराब छुड़ाने को लाख जुगत हो रही है, वहीं यही शराबी अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान दे रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अप्रैल से सितंबर तक ही जिले के आबकारी विभाग को शराब से 302 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। लॉकडाउन के बाद शराब की बिक्री में तेजी से उछाल आया है। पिछले साल के मुकाबले बीयर की बिक्री में 85 फीसदी और अंग्रेजी शराब की बिक्री में 50 फीसदी का इजाफा हुआ है। हालांकि देशी दारू भी 37 फीसदी ज्यादा बिकी है। शराब खूब बिकी तो आबकारी विभाग मालामाल हो गया।
इन दिनों आबकारी विभाग के अफसर राजस्व की भरपूर आमद से गद्गद हैं। वजह साफ है कि पिछले साल के रिकार्ड को पूरी तरह से इस साल की बिक्री ने तोड़ दिया है। साल 2020 के माह अप्रैल से सितंबर और साल 2021 के भी माह अप्रैल से सितंबर तक की समीक्षा की गई तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। बीयर की बिक्री ने सभी रिकार्ड ध्वस्त कर दिए हैं। इस साल अप्रैल से लेकर सितंबर तक जिले के लोग 44 लाख कैन गटक चुके थे। पिछले साल के मुकाबले बीयर की बिक्री में 85 फीसदी का इजाफा हुआ है। पिछले साल बीयर की बिक्री धड़ाम हो गई थी। बीयर के लाइसेंसधारियों के लिए शुल्क भी निकालना मुश्किल हो रहा था। इसकी एक वजह कोरोना को भी माना जा रहा है। कोरोना काल में लोगों ने ठंडी चीजों का सेवन बंद कर दिया था। अब कोरोना काल बीत चुका है और रेट में भी कमी आई है।
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विदेशी मदिरा भी बिक्री में कम पीछे नहीं रही। पिछले साल के मुकाबले 50 फीसदी का इजाफा हुआ है। छह महीनों में ही जिलेवासी 21 लाख बोतल दारू पी गए, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा चौदह लाख के आसपास ही था। पीछे-पीछे देशी दारू भी लगी रही। देसी दारूकी बिक्री में 37 फीसदी का इजाफा हुआ है।
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मिला 302 करोड़ राजस्व
आबकारी विभाग को अप्रैल से सितंबर तक ही 302 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है जबकि पिछले साल इसी अवधि में महज 221 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई थी। ज्यादा बिक्री होने की वजह से 81 करोड़ अधिक राजस्व मिला है।
इस साल छह महीने में ही बीयर की बिक्री में पिछले के मुकाबले 85 फीसदी का इजाफा हुआ है। शराब की बिक्री में उछाल आने से राजस्व की प्राप्ति भी बढ़ी है।
- गिरीशचंद वर्मा, जिला आबकार अधिकारी
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