नजीबाबाद। आकाशवाणी के 90 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में नजीबाबाद केंद्र के सुर, ताल, वाणी के अनुपम संगम स्वरांजलि का श्रोताओं ने लुत्फ उठाया। केंद्र से जुड़े पूर्व प्रसारण कर्मियों और कलाकारों को सम्मानित किया गया।
आकाशवाणी महानिदेशालय के निर्देशन में आकाशवाणी के 90 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में नजीबाबाद केंद्र की ओर से संगीत संध्या स्वरांजलि का आयोजन किया गया। वालिया रेजीडेंसी में आयोजित स्वरांजलि का शुभारंभ केंद्र के डीडीई तिलकराम, एडीपी शोभित शर्मा, सूर्यमणि रघुवंशी, डॉ, संदीप अग्रवाल, पूर्व चेयरमैन मौअज्जम खां एड.ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सुर और साज के संगम में आकाशवाणी कलाकारों की ओर से मनोहारी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का श्रोताओं ने लुत्फ उठाया।
कार्यक्रम अधिकारी अंकित सैनी के निर्देशन में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में डॉ. अनुराधा माथुर और डॉ. राखी अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत भक्ति रचना अच्युतम केशवम राम नारायणम.., और सनव्वर अली खां द्वारा पेश छाप तिलक सब छोड़ा रे.. गीत पर श्रोता जमकर झूमे। स्वर और संगीत की लहरी में सोनल टॉक ने सैंया है मोर नटखट.. लोकगीत, मो. शाहरुख ने इश्क करने की तड़प हो.. गजल, सरफराज साबरी और साथियों ने क्या बताएं .. कव्वाली प्रस्तुत कर समां बांधा। बांसुरी वादक सुंदर लाल गंधर्व ने बांसुरी वादन और भुवनेश गिरी ने रागिनी पेश की।
साओ नितेश प्रताप सिंह, द्वारिकेश ग्रुप उपाध्यक्ष सलिल एस आर्य, चेयरमैन इंजीनियर मौअज्ज्म , इंजी. अविनाश अग्रवाल,सूर्यमणि रघुवंशी, रमाकांत वालिया, डॉ. शशि प्रभा, डॉ. विनोद चावला स्वरांजलि कार्यक्रम से जुड़े कलाकारों और प्रसारण कर्मियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। एडीपी शोभित शर्मा, कार्यक्रम अधिकारी अंकित सैनी ने आभार व्यक्त किया। नन्ही श्रोता सुर वंधिता ने कार्यक्रम को मनोहरी बताया। संचालन रेणु कोटनाला, निधि भारद्वाज और सनव्वर अली खां ने किया।ू
नजीबाबाद-आकाशवाणी के स्वरांजलि में भजन प्रस्तुत करतीं कलाकार। संवाद