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इतिहास की जमीन पर तैयार होंगे भविष्य के वन

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बिजनौर के ग्राम रामपुर ठकरा के जंगल में दुष्यंत के जमीन का निरीक्षण करते अधिकारी। - फोटो : BIJNOR
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इतिहास की जमीन पर तैयार होंगे भविष्य के वन
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65 लाख से ज्यादा पौधे इस बरसात में रोपित हाेंगेे
46 लाख पौधे पांच जुलाई को लगाए जाएंगे जिलेभर में
4.60 लाख पौधे छह जुलाई को लगाए जाएंगे
4.60 लाख पौधे सात जुलाई को जिले में लगाए जाएंगे
09 लाख पौधे 15 अगस्त को लगाए जाने का है लक्ष्य
बिजनौर। यूं तो जिले में हर साल लाखों पौधे लगाए जाते हैं, लेकिन यह एक सामान्य प्रक्रिया बनकर रह जाती है। इस बार इतिहास की जमीन पर भविष्य के वन लगाने की तैयारी है। सब कुछ ठीक रहा तो महाभारत काल के राजा दुष्यंत, रानी शकुंतला, चक्रवर्ती सम्राट भरत, महर्षि कण्व के नाम पर लगने वाले वनों में लगे पौधों पर इतिहास की यादों के फल लगेंगे। जी हां, इन वनों में संबंधित महापुरुष के जीवन वृत्तांत से भी रूबरू कराया जाएगा। वन में यह जानकारी अंकित की जाएगी। पांच जुलाई से वन महोत्सव के पहले दिन रामपुर ठकरा में राजा दुष्यंत वन में 16 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिए जिलेभर के जनप्रतिनिधि, आशा, आंगनबाड़ी, एनसीसी कैडेट्स और अफसर जुटेंगे। इस वन में छायादार और फलदार दोनों तरह के पौधे लगाए जाएंगे।
इस बार जिले में 65 लाख से ज्यादा पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। जिला प्रशासन ने शासन के निर्देश पर जिले के पौराणिक इतिहास को पौधरोपण से जोड़ने की तैयारी की है। बिजनौर-बैराज रोड पर गंगा से कुछ दूरी पर रामपुर ठकरा के जंगल में 15 हेक्टेयर जमीन को पौधरोपण के लिए तैयार किया गया है। यहां पर पौधरोपण के बाद जो जंगल तैयार होगा, उसे राजा दुष्यंत वन का नाम दिया जाएगा। इसके लिए रविवार को डीएफओ डॉ. अनिल पटेल समेत तमाम अधिकारियों ने तैयारियों का निरीक्षण भी किया। यहां पर बांस, जामुन, अर्जुन, गुटेल, आंवला, पीपल, बरगद, नीम आदि के करीब 16 हजार पौधे लगाए जाने हैं। पौधरोपण में परेशानी न हो और यहां पर आने वाले आंगनबाड़ी, आशा, एएनएम, एनसीसी कैडेट्स, स्कूली छात्र, जनप्रतिनिधि समय से पहुंच जाए, इसके लिए बीडीओ को सेक्टर मजिस्ट्रेट और एसडीएम को जोनल मजिस्ट्रेट बनाया गया है। डीएम उमेश मिश्रा लगातार इस पौधरोपण की समीक्षा कर रहे हैं।
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मालन किनारे बनेगा शकुंतला और भरत वन
इस बार पौधरोपण में मालन की भूमिका भी बढ़ा दी गई है। मंडावर रोड पर नई पुलिस लाइन के पास शकुंतला वन बनेगा। छह जुलाई को यहां पर करीब आठ हजार पौधे लगाए जाएंगे। इसी के साथ मालन किनारे भरत वन, महर्षि कण्व वन भी बनेगा। इनमें भी आठ-आठ हजार पौधे लगाए जाएंगे। मंडावर रोड पर स्थित पुल से रावली तक यह तीनों वन बनेंगे। शकुंतला वन की खासियत यह होगी कि यहां पर अन्य पौधों के साथ-साथ आम, नीम और पीपल के पौधे भी लगेंगे।
विदुरकुटी पर तैयार होगा महात्मा विदुर वन
डीएफओ डॉ. अनिल पटेल ने बताया कि सात जुलाई को विदुरकुटी पर पौधरोपण होगा। यहां पर महात्मा विदुर वन तैयार होना है। यहां पर भी करीब आठ से दस हजार पौधे लगेंगे। यहां पर भी अधिकारियों का पूरा अमला जुटेगा और आमजन को भी इस पौधरोपण से जोड़ा जाएगा। इस वन में भी अर्जुन, नीम, बरगद, पीपल के साथ-साथ फलदार पौधे लगाए जाने हैं।
स्कूलों और जनप्रतिनिधियों को भेज रहे निमंत्रण
पौधरोपण में शामिल होने के लिए जिला प्रशासन और वन विभाग की ओर से स्कूलों, जनप्रतिनिधियों को निमंत्रण भेजे जा रहे हैं। डीएम उमेश मिश्रा ने बताया कि हम इस बार पौधरोपण को जन आंदोलन बनाने की तैयारी कर रहे हैं। लोगों को प्रकृति और इतिहास के साथ जुड़ाव महसूस कराएंगे, ताकि लोग पौधे लगाने साथ-साथ उनकी देखभाल भी करें।
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महापुरुषों को याद करने का अच्छा अवसर : डीएम
डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि हम अपने गौरवशाली इतिहास को याद कर रहे हैं। महापुरुषों के नाम पर वन तैैयार होंगे, तो लोग उनसे जुड़ाव महसूस करेंगे। वहां लगने वाले पौधों की निगरानी करेंगे और उसमें बढ़ चढ़कर भाग भी लेंगे। हमने अफसरों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और आम जनता को पौधरोपण में बुलाने के लिए निमंत्रण भेजे हैं।
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