बिजनौर। गुलदार के हमलों में जान गंवाने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि तीन साल तक अब 35 लोगों की गुलदार के हमले में मौत हो गई। जिले में गुलदार लगातार शिकार कर रहा है और वन विभाग की रणनीति केवल आश्वासन और दावों तक ही सिमट कर रह गई है।
जिले में गुलदार ने तीन माह में पांच बच्चों सहित एक महिला को अपना निवाला बनाया। यह सिलसिला करीब चार साल पहले शुरू हुआ था। जो, अब रुकने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन गुलदार के हमलों की घटना सामने आ रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में गुलदार की दृष्टि से करीब 100 गांव संवेदनशील हैं। इन गांवों में गुलदारों की मौजूदगी है।
वन विभाग पिंजरे लगाने से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। जहां भी गुलदार दिखाई देता या हमला करता है तो वन विभाग पिंजरा लगा देता है। इसके अलावा गुलदार से निजात दिलाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। वन विभाग के दावे सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गए हैं। धरातल पर गुलदार पकड़ने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।