नजीबाबाद में डीएफओ कार्यालय पर चिता लगाते ग्रामीण।
नजीबाबाद। गुलदार के हमले में मारी गई मीरा का शव लेकर डीएफओ कार्यालय पहुंचे ग्रामीण और भाकियू (अ) के कार्यकर्ताओं ने वहीं पर चिता भी तैयार कर दी। ग्रामीण महिला का अंतिम संस्कार वहीं पर करने पर अड़ गए। तीन घंटे बाद अधिकारियों के आश्वासन के बाद महिला का शव डीएफओ कार्यालय से पोस्टमार्टम के लिए उठने दिया।
रविवार को गुलदार के हमले में मारी गई इस्सेपुर निवासी महेंद्र की 36 वर्षीय पत्नी मीरा देवी के शव के साथ डीएफओ कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे किसानों एवं ग्रामीणों ने एडीएम प्रशासन विनय कुमार, एसपी सिटी संजीव वाजपेयी, डीएफओ अभिनव राज से बिजनौर को गुलदार मुक्त करने की मांग की। प्रदर्शनकारी किसानों ने डीएफओ कार्यालय परिसर में गुलदार के हमले से मरी मीरा देवी का अंतिम संस्कार करने के लिए चिता तैयार की। भारतीय किसान यूनियन (अ) युवा के प्रांतीय अध्यक्ष चौ. दिगंबर सिंह ने कहा कि जब तक बिजनौर गुलदार मुक्त नहीं होता और गुलदारों के हमलों से हो रहीं मौतों पर वन विभाग अंकुश नहीं लगाता तब तक डीएफओ कार्यालयों पर किसानों का धरना जारी रहेगा।
एडीएम प्रशासन विनय कुमार ने प्रदर्शनकारी किसानों को वन संरक्षक की मौजूदगी में गुलदारों के हमलों को रोकने के लिए प्रभावी नीति तैयार करने को सीधी वार्ता करने का आश्वासन दिया। करीब तीन घंटे बाद प्रदर्शनकारी किसानों ने पोस्टमार्टम के लिए महिला का शव उठने दिया।
किसानों से वार्ता के दौरान एसडीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, सीओ नितेश प्रताप सिंह, ब्लॉक प्रमुख तपराज सिंह, भाकियू के जिलाध्यक्ष नितिन सिरोही, कुलबीर सिंह, ग्राम प्रधान प्रशांत चौधरी, राहुल हुड्डा, सुखबीर सिंह, भोपाल राठी, साहब सिंह, शीशा सिंह, गुरदेव सिंह, महेंद्र सिंह रहे। संवाद