धामपुर। विद्युत निगम की ओर से विद्युत उपभोक्ता राहत योजना-2025 का पहला चरण 31 दिसंबर को खत्म हो गया है। धामपुर विद्युत वितरण मंडल में योजना का लाभ लक्ष्य की तुलना में केवल 35 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने ही उठाया। मंडल में करीब 78,569 उपभोक्ताओं को पहले चरण में लाभ उठाना था लेकिन केवल 27,559 लोगों ने ही लाभ उठाया। 27.72 करोड़ की वसूली हुई। अधिकरियों का कहना है कि एक जनवरी से अब दूसरा चरण चालू हो गया है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से लाभ उठाने की अपील की है।
विद्युत वितरण मंडल धामपुर के अधीक्षण अभियंता सतीश कुमार सिंह ने बताया कि धामपुर मंडल में चार डिवीजन धामपुर प्रथम, द्वितीय, नगीना और नजीबाबाद शामिल हैं। करीब चार लाख से अधिक बिजली के कनेक्शन हैं। इनमें 78,569 ऐसे उपभोक्ताओं ने 31 मार्च 2025 के बाद बकाया जमा नहीं किया। ऐसे लोगों के लिए योजना के अंतर्गत सरचार्ज में शत प्रतिशत की छूट और पहले चरण में मूलधन में 25 से प्रतिशत की छूट का प्रावधान था। एक जनवरी से दूसरा चरण शुरू हो गया है। इनमें सरचार्ज में तो पहले की तरह से शतप्रतिशत की छूट है। लेकिन मूलधन में 25 प्रतिशत छूट को घटाकर अब 20 प्रतिशत कर दिया गया है।
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि प्रथम चरण में लक्ष्य की तुलना में 35 प्रतिशत ने लाभ उठाया। उम्मीद थी कि लगभग 75 प्रतिशत से अधिक उपभोक्ता योजना का प्रथम चरण का लाभ उठाएंगे। मंडल में 27,569 उपभोक्ताओं से योजना अंतर्गत 28.72 करोड़ रुपये की वसूली हुई।
धामपुर खंड द्वितीय प्रथम, नगीना सबसे फिसड्डी
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि विद्युत वितरण खंड धामपुर द्वितीय पहले चरण में मंडल में पहले स्थान पर है। धामपुर द्वितीय में कुल 30,441 उपभोक्ताओं में 10,849 ने पंजीकरण कराया। लगभग 8.83 करोड़ रुपये की वसूली की। नजीबाबाद डिविजन दूसरे स्थान पर रहा। यहां 17,107 उपभोक्ताओं में 6035 ने पंजीकरण कराया और 7.37 करोड़ रुपये की वसूली हुई। विद्युत वितरण खंड धामपुर प्रथम में 15,990 उपभोक्ताओं में केवल 5436 ने पंजीकरण कराया और 6.7 करोड़ की वसूली हुई। सबसे फिसड्डी नगीना डिविजन रहा। यहां 15,029 उपभोक्ताओं में मात्र 5039 ने पंजीकरण कराया और मात्र 5.75 करोड़ की वसूली हुई।
राजस्व निर्धारण में अब 45 प्रतिशत की छूट
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि प्रथम चरण में बिजली चोरी के मामले में उपभोक्ताओं को समन शुल्क तो पूरा जमा करना था। लेकिन राजस्व निर्धारण में 50 प्रतिशत की छूट थी। दूसरे चरण में समन शुल्क तो पहले की तरह से पूरा जमा करना है लेकिन राजस्व निर्धारण में 50 के स्थान पर अब 45 प्रतिशत राजस्व निर्धारण में छूट मिलेगी।