बिजनौर के किरतपुर थाना क्षेत्र में एक सप्ताह पूर्व करंट की चपेट में आकर घायल हुए बिजली निगम के संविदाकर्मी की इलाज के दौरान एक प्राइवेट अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों ने मंगलवार को गांव पैदा में सड़क पर शव रखकर हंगामा किया। उच्च अधिकारियों ने परिजनों को समझाकर मामला शांत किया और पांच लाख रुपये मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
किरतपुर के गांव छितावर निवासी प्रवेश कुमार बिजली निगम में संविदाकर्मी था। गांव की बिजली खराब होने पर छितावर उपकेंद्र से शटडाउन लेकर दो मार्च को प्रात: आठ बजे वह खंभे पर चढ़ा। लाइन में आए फाल्ट को ठीक करते समय खंभे में करंट दौड़ गया और वह गंभीर रूप से झुलस गया। परिजनों ने उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया था, एक सप्ताह से उसका इलाज चल रहा था। मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों एवं ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
परिजनों ने इस मामले में दरोगा एनडी शर्मा से कार्रवाई की मांग की थी। मृतक के भाई प्रदीप ने विद्युत उपकेंद्र पर तैनात दिपेंद्र के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि जिस समय मेरा भाई प्रवेश कुमार खंभे पर चढ़कर लाइन के फाल्ट ठीक कर रहा था तब दिपेंद्र ने शटडाउन तोड़ कर बिजली छोड़ दी। प्रवेश की मौत की सूचना के उपरांत उच्च अधिकारियों ने गांव छितावर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया।
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सीओ गजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि मृतक के भाई की तहरीर पर शटडाउन लेने के बाद भी बिजली छोड़ने वाले दिपेंद्र के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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