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कन्याएं भी जिमाईं, प्रधानमंत्री राहत कोष में मदद का भी लिया निर्णय

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बिजनौर में अष्ठमी पर कन्याओं को तिलक करती महिला। - फोटो : BIJNOR
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कन्याओं को भोजन कराया, दक्षिणा राहत कोष में भेजी
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बिजनौर/नगीना। चैत्र नवरात्र की दुर्गाष्टमी पर श्रद्धालुओं ने अपने घरों में ही कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन कराया। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखा गया। देशभर में लॉकडाउन होने के बाद भी जिले भर में भक्तों ने पूरी आस्था के साथ अपने घरों में ही देवी स्वरूपा कन्याओं का पूजन किया।
कुछ लोगों ने जरूरतमंदों को भोजन भी कराया। लॉकडाउन का पालन करते हुए कुछ लोगों ने कन्याएं नहीं जिमाईं। जिला मुख्यालय पर स्थित सिद्घपीठ मां काली मंदिर और श्री चामुंडा धाम पर सप्तमी और अष्टमी पर लगने वाला मेला भी नहीं लगा। नगीना की वैष्णो विहार कॉलोनी में महिलाओं ने अपने घर की कन्याओं को ही भोजन कराया।
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अफजलगढ़, रेहड़ में कोरोना वायरस के खतरे के चलते इस बार दुर्गाष्टमी का उत्साह श्रद्धालुओं में कम ही रहा। अष्टमी पर जहां मंदिर सूने रहे, वहीं श्रद्धालुओं ने कुछ स्थानों पर कन्या पूजन किए बिना ही अपने व्रत पूरे किए। बिजनौर में अग्रवाल प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान के तत्वाधान में दुर्गाष्टमी के अवसर पर कन्या पूजन किया गया। इस अवसर पर व्यवस्थापिका सविता अग्रवाल ने कहा कन्याओं और लांगुरों को जिमाने के स्थान पर सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए, बाहर से ही प्रसाद वितरण कर दिया गया। अष्टमी पूजन में सविता अग्रवाल, शालिनी अग्रवाल, एकता अग्रवाल आदि मौजूद रहीं। कोतवाली देहात क्षेत्र में लोगों घरों में माता का पूजन किया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बाद कन्याओं को भोजन कराया जाएगा और मंदिरों में नारियल, चुंदरी चढ़ाई जाएगी।
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