बिजनौर। कहने को तो नगरपालिका प्रशासन अवैध होर्डिंग और यूनिपोल के खिलाफ अभियान चलाने का दावा करता है। मगर, हकीकत में जिला मुख्यालय की सड़कों पर अवैध होर्डिंग की भरमार है। इससे शहर की सुंदरता को दाग लग रहा है। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिरकार अवैध होर्डिंग की निगरानी कौन करेगा।
शहर में नजीबाबाद, मेरठ, नगीना, नूरपुर, चांदपुर मार्ग पर कुछ जगह वैध होर्डिंग लगे हैं। वहीं, इनकी आड़ में अवैध होर्डिंग और यूनिपोल की भरमार है। वैध होर्डिंग से नगरपालिका को अच्छी आमदनी होती है लेकिन अवैध होर्डिंग की ओर भी पालिका अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है।
नगरपालिका की ओर से जब अभियान चलाया जाता है तो होर्डिंग उतार दिए जाते हैं। मगर, कुछ दिनों बाद फिर से अवैध होर्डिंग और यूनीपोल लग जाता है। कुछ लोगों ने यह भी तय कर रखा है कि किसका होर्डिंग कहां लगना है। इन अवैध यूनिपोल को अनुमति न तो नगर पालिका से है और न ही किसी अन्य संस्था से है।
नगरपालिका से मिली जानकारी के अनुसार, अगर किसी को नगरपालिका क्षेत्र में होर्डिंग लगवाने के लिए फीस तय है। पालिका में होर्डिंग के लिए एक रुपया प्रति वर्ग फीट के हिसाब से फीस जमा करनी होती है। बहुत कम लोग फीस जमा कर होर्डिंग और यूनीपोल लगा रहे हैं।