मंडावर क्षेत्र के गांव डैबलगढ़ में नदी पर बना पीपे का पुल। संवाद
बिजनौर। यूं तो गंगा नदी पर डैबलगढ़ में पीपे का पुल बना हुआ है मगर अब पक्के पुल के निर्माण की मांग जोर पकड़ रही है। इसी क्रम में बिजनौर सांसद ने सीएम योगी से मुलाकात कर स्थाई पुल बनवाने की मांग उठाई है। इस पर सीएम योगी ने ठोस आश्वासन दिया है।
तमाम आंदोलन के बाद डैबलगढ़ को पीपे के पुल की सौगात मिली थी। इससे खादर के वाशिंंदों को सहूलियत मिलने की आस जगी। यह पीपे का पुल बरसात लगने से पहले ही खोलकर रख दिया जाता है। बरसात बीत जाने के बाद फिर भी पुल बांधा जाता है। ऐसे में कुछ ही महीने लोगों को इसका फायदा मिलता है। बाकी समय ये लोग नाव के सहारे खेतों पर जाने के लिए मजबूर होते हैं।
खादरवासियों की गुहार पर बिजनौर सांसद चंदन चौहान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। कहा कि डैबलगढ़, राजा रामपुर, रघुनाथपुर आदि गांव के लोगों की खेती गंगा के उस पार है। उस जगह पर बना हुआ पीपे का पुल बरसात में खोलकर रख दिया जाता है। ऐसे में गांव वालों के सामने आगमन की दिक्कत खड़ी हो जाती है। पुल नहीं होने की वजह से साल 2018 में एक नाव गंगा नदी में डूब गई थी, जिसमें 10 महिलाओं की मौत हो गई थी।
बिजनौर के करीब हो जाएगा शुक्रतीर्थ
पत्र में हवाला दिया गया कि बिजनौर के गांव डैबलगढ़ से शुक्रताल की दूरी सिर्फ पांच किलोमीटर है। अब पुल नहीं होने की वजह से बिजनौर के लोगों को गंगा बैराज से होकर जाना पड़ता है। अगर डैबलगढ़ में पुल निर्माण होता है तो शुक्रतीर्थ की दूरी चालीस किलोमीटर कम हो जाएगी।
नांगल के पास पुल बनाएगी उत्तराखंड सरकार
बिजनौर बैराज और हरिद्वार के बीच में गंगा नदी पर बिजनौर के बालावाली में पुल बना हुआ है जोकि चालू भी हो चुका है। उधर, हरिद्वार में वाहनों का दबाव कम करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक और पुल प्रस्तावित किया है। यह पुल बिजनौर में नांगल सोती के पास बनेगा जोकि उत्तराखंड की सीमा में रायघटी से शुरू होगा। उत्तराखंड सरकार में इस पुल के निर्माण की कवायद अंतिम दौर में है।