ऑनलाइन की जटिल प्रक्रिया बनी मुसीबत
नजीबाबाद। ऑक्सीजन सिलिंडर प्राप्त करने की व्यवस्था जटिल होने से ऑक्सीजन गैस प्रतिष्ठान से डेढ़ सप्ताह में मात्र 200 सिलिंडर जरूरतमंदों तक पहुंचे हैं। प्रशासन ने अब जरूरतमंद प्राइवेट अस्पतालों को भी उनकी आवश्यकता के सिलिंडर उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू की है। वहीं ऑनलाइन व्यवस्था में परेशानी होने से काफी कम लोग ऑनलाइन से ऑक्सीजन की मांग कर पा रहे हैं।
नजीबाबाद के गांव सिकंदरपुर बसी स्थित गोयल इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन गैस प्रतिष्ठान पर 16 मई को साढ़े पांच टन ऑक्सीजन गैस जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई थी। प्रतिष्ठान को नजीबाबाद के सीएचसी कोविड अस्पताल, नगीना, कोतवाली, किरतपुर को ऑक्सीजन गैस उपलब्ध कराने का डीआई आशुतोष मिश्रा ने निर्देश दिए थे।
होम आइसोलेशन में रह रहे जरूरतमंद कोविड मरीजों को ऑक्सीजन गैस प्राप्त करने के लिए वाट्सएप नंबर 9454416928 पर अपने डॉक्यूमेंट्स लोड कर अपरूवल लेना होता है। ऑनलाइन व्यवस्था में परेशानी होने से काफी कम लोग ऑनलाइन से ऑक्सीजन की मांग कर पा रहे हैं। प्रक्रिया जटिल होने से नौ दिन में मात्र 200 ऑक्सीजन सिलिंडर रिफिल हुए है।
उधर, नजीबाबाद के दो प्राइवेट नर्सिंग होम प्रतिष्ठान से ऑक्सीजन गैस प्राप्त कर रहे हैं। वहीं नगीना, किरतपुर, अकबराबाद के प्राइवेट नर्सिंग होम भी प्रशासन के माध्यम से आवश्यकता की ऑक्सीजन गैस प्राप्त करने के लिए आगे नहीं आए हैं।
अब खाली सिलिंडर बने समस्या
नजीबाबाद। अप्रैल से मई के प्रथम सप्ताह तक ऑक्सीजन गैस की भारी किल्लत के चलते समाजसेवियों द्वारा उत्तराखंड और हल्दौर से ऑक्सीजन गैस सिलिंडर लाकर जरूरतमंदों को निशुल्क ऑक्सीजन गैस सिलिंडर उपलब्ध कराए गए। बताया जाता है कि बड़ी संख्या में लोगों द्वारा आपातकाल के लिए घरों में ऑक्सीजन गैस के भरे सिलिंडर रख लिए गए हैं जिससे बाजार में ऑक्सीजन गैस के खाली सिलिंडरों की कमी की समस्या बनने लगी है।