बेहतर प्रबंधन से बोर्ड ने जारी किया रिजल्ट
बिजनौर। यूपी बोर्ड द्वारा परीक्षफल अन्य बोर्ड से पहले घोषित करने को सभी ने सराहा है। कहा है कि समय से रिजल्ट आने का जनसाधारण में सकारात्मक संदेश जाएगा। अब आगे यह क्रम बना रहना चाहिए। यूपी बोर्ड ने शैक्षिक सत्र शुरू होने के तुरंत बाद हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया था। परीक्षा ठीक समय पर समाप्त हो गई। परंतु कोरोना के कारण मार्च में लॉकडाउन लगने से कापियों के मूल्यांकन में अड़चन आई। दो बार मूल्यांकन हटा। शासन ने कोरोना से बचाव के साथ मूल्यांकन कराया। अब स्कूलों के खुलने से पहले हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट दोनों का रिजल्ट घोषित कर दिया है। अभी सीबीएसई तथा आईसीएसई के रिजल्ट नहीं आए हैं। शिक्षाविद इसे सराहनीय कदम बता रहे हैं।
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. आरके त्यागी का कहना है कि बोर्ड का परीक्षा शुरू होने से लेकर रिजल्ट घोषित होने तक का टाइम मैनेजमेंट बढ़िया रहा है। इसका लोगों में अच्छा मैसेज जाएगा। बोर्ड की छवि सुधरेगी। शिक्षाविद बलिराम सिंह का कहना है कि यूपी बोर्ड में हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट का सीबीएसई की तरह कोर्स पहले ही समान हो गया। सभी विषय का एक पेपर हो गया है। परीक्षा नकलविहीन हुई। अच्छे बच्चों को इसका फायदा मिला है। प्रधानाचार्या शबाना परवीन कहती हैं कि रिजल्ट समय से आने से लोगों की यूपी बोर्ड के स्कूलों के बारे में सोच बदलेगी। आगे विद्यालयों में पढ़ाई की व्यवस्था सुचारु करने पर ध्यान देने की जरूरत है। प्रधानाचार्या रंजना शुक्ला बताती है कि कोरोना का संकट काल है। ऐसे में बोर्ड ने अपनी सूझबूझ से मूल्यांकन कराया। अब एक माह में हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट का रिजल्ट घोषित करके सबको चौंका दिया है।
डा.आरके त्यागी।- फोटो : BIJNOR
बलिराम सिंह।- फोटो : BIJNOR
रंजना शुक्ला।- फोटो : BIJNOR