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Bijnor News: भारी पड़ी मनमानी, लखनऊ से फटकार के बाद वापस लिया फरमान

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बिजनौर। 36 प्रतिशत अल्कोहल वाली देसी शराब पर पाबंदी और 42.8 फीसदी वाली शराब की बिक्री में मनमानी जिला आबकारी अधिकारी को भारी पड़ चुकी है। लखनऊ से फटकार और विभागीय जांच के आदेश होने पर अपना फरमान वापस ले लिया और 36 प्रतिशत अल्कोहल वाली शराब की खरीद और बिक्री की अनुमति दे डाली। उधर 36 और 42 के इस खेल में देसी शराब के लाइसेंसधारियों को काफी नुकसान हुआ, जिस वजह से 46 ठेकेदारों ने दुकान छोड़ दी, जिन्होंने अपने लाइसेंस का नवीनीकरण ही नहीं कराया है। अब इन दुकानों का कोटा घटाना पड़ेगा, तभी नए लोग ही इनका लाइसेंस लेने के लिए लाइन में लगेंगे। ऐसे में राजस्व की हानि होना तय है।
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बिजनौर में देसी शराब की 206 दुकान हैं। अब इनके लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही थी। मगर 46 दुकानों के अनुज्ञापी लाइसेंस का नवीनीकरण कराने से पीछे हट गए। इन्होंने दुकानों को छोड़ने फैसला लिया। कुछ दुकानदारों ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में देसी शराब की बिक्री में तीस से चालीस फीसदी की गिरावट है यानि तय किया गया कोटा बिक नहीं रहा है। ऐसे में उनका नुकसान हुआ है।
बताया जा रहा है कि शराब के ब्रांड और डिग्री को लेकर भी इस साल काफी समस्या रही। पांच अप्रैल को 42.8 फीसदी अल्कोहल वाली शराब शुरू की गई। इसके बाद दुकानदारों ने विरोध किया तो तीन अगस्त से 36 प्रतिशत अल्कोहल वाली देसी की भी अनुमति दे दी गई। बाद में 27 जनवरी को 42.8 डिग्री वाली शराब शुरू कर दी गई और 36 डिग्री वाली पर रोक लगा दी गई। ऐसे में मदिरा प्रेमी ही नहीं बल्कि दुकानदार भी ब्रांड और डिग्री में उलझकर रह गए।
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अब शनिवार को प्रदेश सरकार के आबकारी मंत्री लखनऊ में मीटिंग के दौरान मदिरा उद्योग के खिलाफ गैर जिम्मेदारीपूर्ण गलत कार्रवाई करने पर बिजनौर के जिला आबकारी अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए। साथ ही कम राजस्व वसूली के चलते नोटिस भी जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया गया है। लखनऊ में यह घटनाक्रम होने के बाद बिजनौर में शनिवार की शाम ही 36 डिग्री वाली शराब को भी अनुमति दे दी।

प्रिंट रेट से कम मूल्य पर बिक रहा देसी शराब का पव्वा
रविवार को पड़ताल में सामने आया कि जिन 46 दुकानों का नवीनीकरण नहीं हुआ है, उन पर प्रिंट रेट से कम पर पव्वा बेचा जा रहा है। नगर पालिका के पास वाली देसी शराब की दुकान के सेल्समैन ने बताया कि काफी स्टॉक रखा हुआ है, इससे बेचने के लिए बीस रुपये की छूट दी जा रही है। 36 डिग्री का 75 रुपये वाला पव्वा 55 रुपये और 42 डिग्री का 90 रुपये वाला पव्वा 75 रुपये में बेचा जा रहा है ताकि नुकसान की किसी हद तक भरपाई हो सके।
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