नगीना। करीब 25 वर्षों से बंद पड़ी नगीना सहकारी मिल की करीब 255 बीघा खाली पड़ी आराजी पर अब रोजगार के अवसर पैदा हो सकेंगे। सरकार की पहल के बाद अब कताई मिल की जमीन पर कपड़ा व काष्ठ कला उद्योग स्थापित होने की राह आसान नजर आ रही है।
नगीना- कोतवाली मार्ग पर बंद पड़ी कताई मिल की जगह को औद्योगिक नगरी के रूप में विकसित किए जाने की काफी लंबे समय से मांग की जा रही थी। लोगों की मांग के बाद अब सरकार ने इस जमीन पर उद्योग विकसित करने के लिए अपनी सहमति दे दी है। यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो आने वाले दिनों में नगीना में रोजगार के अवसर बढ़ सकेंगे।
नगीना वुड हैंडीक्राफ्ट संगठन के महासचिव खुर्शीद अहमद कुरैशी का कहना है कि सरकार ने नगीना सहकारी कताई मिल की जमीन पर कपड़ा उद्योग लगाने की सहमति दी है। उनका कहना है कि उन्होंने जिलाधिकारी से मिलकर नगीना काष्ठ कला उद्योग को भी इसमें सम्मिलित करने की मांग उठाई थी, जिसे मान लिया गया है। उनका कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से यहां रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
व्यापारी नेता अब्दुल कय्यूम राईन का कहना है कि सरकार का फैसला स्वागत योग्य है। अधिकारी जमीन का अलॉटमेंट करते समय इस बात का जरूर ध्यान रखें की उद्योगों के लिए पहला अवसर युवाओं को मिलना चाहिए।
नगीना हैंडीक्राफ्ट डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष इरशाद अली मुल्तानी का कहना है कि कताई मिल की भूमि पर उद्योग लगाने के लिए सभी तरह की कुटीर उद्योगों को बढ़ावा मिलना चाहिए। नगीना का हैंडीक्राफ्ट उद्योग विश्व प्रसिद्ध है, इसलिए इसको प्राथमिकता मिलनी चाहिए।