नजीबाबाद में नजीब दरबार कम्युनिटी किचन में भोजन करते प्रवासी श्रमिक।
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तहसीलदार ने 18 श्रमिकों को अपने खर्च पर घर भेजा
नजीबाबाद। पंजाब से पैदल चलकर आए प्रवासी श्रमिकों के जत्थे को तहसीलदार राधेश्याम शर्मा ने अपने खर्च पर उनके घर सुल्तानपुर और अमेठी के लिए रवाना किया। समाजसेवी संस्था ने थके-हारे और भूखे श्रमिकों को भोजन कराकर प्रशासन तक पहुंचाने में मदद की।
एंटी करप्शन ब्यूरो एंड वेलफेयर फाउंडेशन के संस्थापक इंजी. विकास आर्य और उनकी टीम को महिलाओं, बच्चों सहित पंजाब से आते 18 श्रमिकों का जत्था बूंदाबांदी के बीच शुक्रवार रात 10 बजे पैदल मालन नदी तट से गुजरता हुआ मिला। समाजसेवी संस्था के डा. शुएब, नदीम, अयाज, वाजिद, आतिफ ने संस्था की नजीब दरबार कम्युनिटी किचन से प्रवासी श्रमिकों को भोजन कराया और तहसीलदार राधेश्याम शर्मा से संपर्क कराया। प्रवासी श्रमिकों की दर्द भरी कहानी और महिलाओं के आंसू देखकर तहसीलदार ने उन्हें को ढांढस बंधाया और उन्हें खर्चा देकर शनिवार की प्रात: सुल्तानपुर और अमेठी गृह जनपदों के लिए रवाना कर दिया।
नजीबाबाद में पंजाब से पैदल चलकर आए श्रमिकों से जानकारी करते तहसीलदार राधेश्याम शर्मा।- फोटो : NAZIBABAD