बिजनौर में मास्क बनाती शिक्षिका।
- फोटो : BIJNOR
शिक्षिकाएं मास्क तैयार करने में जुटीं
बिजनौर। जिले के माध्यमिक विद्यालयों की शिक्षिकाएं ड्यूटी तथा पारिवारिक जिम्मेदारियों को पूरा करते हुए मास्क बनाने में जुटी हैं। तैयार मास्क कोरोना योद्धाओं को दिए जाएंगे। शिक्षिकाओं की जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को भी मास्क देने की योजना है।
जिले की माध्यमिक विद्यालय की शिक्षिकाओं ने निजी स्तर पर मास्क तैयार करने का बीडा उठाया है। शिक्षिकाएं सुबह आठ बजे से दुपहर दो बजे तक आनलाइन कक्षाओं में पढ़ाती हैं। अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियां पूरा करती हैं। इसके बाद समय निकालकर मास्क तैयार करने में जुट जाती है। जिन शिक्षिकाओं के बच्चे छाटे हैं वे शिक्षिकाएं रात को सिलाई करती हैं। जीजीआईसी बिजनौर की प्रधानाचार्या निर्मला शर्मा, शिक्षिकाएं शिवाली शर्मा तथा ललिता पाल बताती हैं कि उन्होंने 50-50 मास्क तैयार कर लिए हैं। मास्क के लिए कपड़ा आदि सामान स्वयं लगा रही हैं। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि शासन के हर जिले में माध्यमिक विद्यालयों से कम से कम 1360 मास्क तैयार कराने के निर्देश है। इस बारे में सभी विद्यालयों से कह दिया गया है। शिक्षिकाएं घरों पर मास्क तैयार कर रही है। जिले में दो हजार मास्क तैयार हो जाएंगे। बताया गया कि मास्क कोरोना योद्धाओं के लिए डीएम को सौंपे जाएंगे। प्रधानाचार्या निर्मला शर्मा ने बताया कि कालेजों में पढ़ने वाले अनेक छात्र-छात्राएं ऐसे हैं जो मास्क नहीं खरीद सकती हैं। शिक्षिकाएं ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए भी मास्क बनाएंगी। बताया कि हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट की कापी जांचने का काम लंबित है। चारों मूल्यांकन केंद्र पर हजारों शिक्षक कापी जांचने आते हैं। मूल्यांकन शुरू होने पर मास्क परीक्षकों को भी देने की योजना है।
बिजनौर में मास्क बनाती शिक्षिका।- फोटो : BIJNOR