बिजनौर के गांव तिसोतरा में तप्रज सिंह के आंगन में पेड़ और सेब देखते जिला उद्यान अधिकारी नरपाल मलि
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रंग लाई तपराज सिंह की मेहनत, पेड़ों पर लगे सेब
बिजनौर। सेब की खेती शुरू करने के लिए जमीन में बोए गए बीज अब ट्रायल का काम कर रहे हैं। ऐसे ही जमीन पर फेंके गए बीज अब बड़े पौधे बन चुके हैं और उन पर सेब भी आ गए हैं। सेब अभी कच्चे हैं, पकने के बाद ही उसकी गुणवत्ता का पता चलेगा।
सेब हिमाचल प्रदेश, कश्मीर आदि ठंडी जगह पर होता है। जिले में सेब की खेती शुरू करने के लिए ट्रायल शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसके ट्रायल को अनजाने में ही पहली सफलता मिली है। गांव तिसोतरा निवासी तपराज सिंह की माता राजवती देवी ने करीब चार साल पहले सेब खाकर उसके बीज घर में खाली जमीन में बो दिए। बीज से पौधे उग आए। लेकिन किसी को लगा नहीं कि ये बड़े होंगे या इन पर सेब आ जाएंगे। लेकिन पौधे पेड़ बन गए और उन पर सेब भी आ गए। तपराज सिंह बताते हैं कि फरवरी में सेब के पेड़ पर काफी फूल आए थे। ओले से फूल नष्ट हो गए थे। 50 फूल सेब में बदल गए हैं। अभी सेब कच्चे हैं। इस समय एक सेब का वजन 100 से 150 ग्राम तक है। जिला उद्यान अधिकारी नरपाल सिंह मलिक का कहना है कि जिले में बहुत कम हुआ है कि पेड़ों पर सेब इतनी तादाद में आए हैं। पेड़ को उन्होंने देखा है, सेब के पकने का इंतजार है।