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गुड़ के दाम सुधरने से गन्ने के दामों में भी हुआ इजाफा

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हल्दौर में कोल्हू पर रखा गन्ना। - फोटो : BIJNOR
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गुड़ के दाम सुधरने से गन्ने के दामों में भी हुआ इजाफा
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बिजनौर। गुड़ का उत्पादन कम होने पर इसके दामों में फिर से उछाल आया है। गुड़ के दाम तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल तक जा पहुंचे हैं। इससे किसानों को भी फायदा हुआ है। कोल्हुओं पर गन्ने के दाम 240 रुपये प्रति क्विंटल तक जा पहुंचे। पिछले महीने गन्ने के दाम 200 रुपये प्रति क्विंटल तक ही रह गए थे।
गन्ने के लिए चीनी मिलों के अलावा किसान कोल्हू एवं क्रेशरों पर भी निर्भर रहते हैं। चीनी मिलों का भुगतान तो कभी कभी आठ दस महीने तक भी लटक जाता है, लेकिन कोल्हू एवं क्रेशरों पर किसानों को गन्ने का भुगतान तुरंत मिल जाता है। इस वजह से किसान कोल्हू एवं क्रेशरों पर गन्ना आपूर्ति करते हैं। कोल्हू एवं क्रेशर किसानों के मुश्किल वक्त के साथी होते हैं। किसानों को गन्ना भुगतान के लिए तरसना नहीं होता है। इसके अलावा किसान अपने खेतों से गन्ने की फसल को खाली करने के लिए भी क्रेशरों एवं कोल्हुओं की ओर रुख करते हैं। किसानों को गन्ने का दाम गुड़ के दामों के आधार पर मिलते हैं। पिछले महीने के अंत में गुड़ के दाम 2600 रुपये प्रति क्विंटल तक जा पहुंचे थे। तब गन्ने के दाम गिरकर 210 रुपये प्रति क्विंटल तक रह गए थे। लेकिन अब गुड़ के दामों में उछाल आया है। गुड़ के दाम बढ़कर तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल हो गए हैं। इसका फायदा किसानों को भी मिला है। गन्ने के दाम बढ़कर 240 रुपये प्रति क्विंटल तक हो गए हैं। गुड़ के दाम और बढ़ेंगे तो गन्ने के दामों में भी उछाल आएगा। गांव शरीफपुर निवासी कोल्हू स्वामी राकेश कुमार के अनुसार गुड़ के दाम पहले से बेहतर हुए हैं। गुड़ के दाम जितने अच्छे होंगे किसानों को उतना ही फायदा होगा।
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भारी संख्या में हैं क्रेशर, कोल्हू
जिले में 600 से अधिक कोल्हू व 100 से अधिक क्रेशर संचालित हैं। कोल्हू पर एक दिन में करीब 100 क्विंटल गन्ना एवं क्रेशर में एक दिन करीब एक हजार क्विंटल तक गन्ने की पेराई होती है।
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