बिजनौर कलक्ट्रेट में किसानों पर पानी की बौछार करती पुलिस।
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बिजनौर/ बुलंदशहर। बेव मिल के पिछले साल के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं करने का विरोध कर रहे किसानों और पुलिस के बीच कई बार शंघर्ष की स्थिति पैदा हुई। कुछ किसान पुलिस से बचने के लिए गन्ना समिति में घुस गए। वहां से भी पुलिस ने उन्हें पीटते हुए निकाल लाई।
बजिनौर डीएम ने हर हाल में आठ से दस दिन के भीतर गन्ना भुगतान का आश्वासन दिया है। वेव ग्रुप की बिजनौर व चांदपुर चीनी मिल ने करीब 62 करोड़ का भुगतान नहीं किया है। आजाद किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने 27 जनवरी को बैठक कर भुगतान न करने पर कलक्ट्रेट में चिता लगाकर आत्मदाह की चेतावनी दी थी। सोमवार को आजाद किसान यूनियन के बैनर तले किसान गन्ना समिति में एकत्र हुए। किसानों ने कलक्ट्रेट में सुसाइड नोट लिखा और एक बजे कलक्ट्रेट की ओर कूच कर दिया। किसानों ने कलक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के सामने लकड़ियों से चिता लगा दी और उस पर लेटने लगे। एसडीएम बृजेश कुमार व सीओ सिटी महेश कुमार पुलिसबल के साथ लकड़ी उठवाने लगे। लकड़ी उठाने पर किसानों व पुलिस में खींचतान शुरू हो गई।
उधरु बुलंदशहर में भी मिल गन्ना किसानों का बकाया करीब 24 करोड़ रुपये भुगतान नहीं कर रही है। जिला प्रशासन ने पहले मिल के कार्यालय को भी सील किया था। बाद में मिल मालिक समेत तीन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई जा चुकी है। इसके बाद भी किसानों का भुगतान न किए जाने पर सोमवार को तहसीलदार सदर मलखान सिंह, जिला गन्ना अधिकारी डीके सैनी अन्य अधिकारियों के साथ मिल में पहुंचे। उन्होंने वेव चीनी मिल के गोदाम को सील कर दिया। तहसीलदार सदर ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी अनुज कुमार झा के आदेश पर मिल के गोदाम को सील किया गया है।