चीनी मिलों ने आवंटित कोटे से ज्यादा मांगा गन्ना
अजीत चौधरी
बिजनौर। जिले में गन्ना सीजन इस बार किसानों के साथ-साथ चीनी मिलों के लिए भी अच्छा माना जा रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई जिलों में गन्ने की फसल रोग की वजह से प्रभावित है। इस वजह से वहां उत्पादन कम होगा और चीनी के दाम अच्छे रहेंगे। इसलिए जिले की चीनी मिलों ने पिछले साल से अधिक गन्ने की डिमांड शासन से की है। मिलों की डिमांड शासन की ओर से जारी कोटे से भी अधिक है। यानी किसानों को गन्ना आपूर्ति करने में ज्यादा समस्या नहीं आएगी।
जिले की चीनी मिलें पेराई शुरू करने के लिए तैयार हैं। कई चीनी मिलों ने बॉयलर पूजन करके पेराई सत्र का शुभारंभ भी कर दिया है। चीनी मिल बाजार भाव और गन्ने के दामों के हिसाब से शासन से गन्ने की डिमांड करती हैं। हालांकि गन्ना अधिक होने पर किसान मिलों की डिमांड से कहीं अधिक गन्ना आपूर्ति कर देते हैं। गन्ने की अधिक पैदावार की वजह से कुछ साल से चीनी मिल कम डिमांड कर रही थीं। इस बार भी पैदावार पहले की तरह ही अच्छी बताई जा रही है। गन्ने का रकबा भी बढ़ा है और गन्ने के दाम में भी सरकार ने चार साल बाद 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। ऐसे में गन्ने की लागत और बढ़ेगी, लेकिन चीनी के दाम और बढ़ेंगे। इसलिए चीनी मिलों ने इस बार पहले से अधिक गन्ने की डिमांड की है। पहले मिल शासन द्वारा आवंटित गन्ने से कम डिमांड करती थीं, लेकिन इस बार सरकार द्वारा आवंटित कोटे से भी अधिक डिमांड की है। इससे किसानों को भी राहत मिलेगी। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार मिलों ने पेराई सत्र शुरू कर दिया है। किसानों को गन्ना आपूर्ति करने में कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
चीनी मिलों द्वारा गन्ने के डिमांड की स्थिति
चीनी मिल कोटा पिछले साल मांग इस साल मांग
बिजनौर 54.20 63 63
धामपुर 231.83 252 252
स्योहारा 214.50 198 234
नजीबाबाद 53.82 51.06 50
बुंदकी 128.10 110.86 117
चांदपुर 64.86 81 81
बिलाई 157.37 134.42 157.87
बरकातपुर 141.36 126 126
बहादरपुर 119.47 106.46 135
कुल 1165.81 1122.80 1215.87
नोट: मांग और डिमांड के आंकड़े लाख क्विंटल में हैं।