फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गन्ना भुगतान के लिए चीनी मिलों ने बैंकों से मांगा सीसीएल

विज्ञापन
विज्ञापन
पेराई सत्र शुरू होते ही चीनी मिलों ने मांगा सीसीएल
विज्ञापन

बिजनौर। चुनावी साल में गन्ना भुगतान में किसानों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना होगा। जिले की चीनी मिलों ने इस बार शुरूआत में ही गन्ना भुगतान के लिए बैंकों से सीसीएल मांग लिया है। चीनी मिल बैंकों को चीनी गिरवी रखकर लोन लेंगी और इससे गन्ने का भुगतान कराया जाएगा। मिलों ने किसानों को देने के लिए 1455 करोड़ का सीसीएल मांगा है।
जिले की सभी चीनी मिलें पूरी क्षमता के साथ गन्ना पेराई कर रही हैं। मिलों को किसानों ने करीब 500 करोड़ का गन्ना बेच भी दिया है और मिल भुगतान भी कर रही हैं। मिलों का भुगतान शुरूआत में तो चीनी की बिक्री पर ही निर्भर करता है। केंद्र सरकार चीनी बेचने के लिए हर महीने कोटा निर्धारित करती है और इस कोटे के आधार पर ही मिलें चीनी बेच सकती हैं। इसके पीछे सरकार का उद्देश्य चीनी की बड़ी मात्रा को बाजार में उतरने से रोकना है ताकि चीनी के दाम थोड़े बढ़े रहें। मिल ज्यादा चीनी नहीं बेच सकती हैं इसलिए वे बैंकों से सीसीएल मांगती हैं। सीसीएल में मिलें अपनी चीनी बैंकों पर गिरवी रख देती हैं और लोन ले लेती हैं। इस लोन से किसानों का भुगतान कर दिया जाता है और बाद में चीनी बेचकर मिलों को पैसा दे दिया जाता है। मिलों ने इस बार भी भुगतान के लिए बैंकों से 1455 करोड़ का सीसीएल मांग लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले की चीनी मिलों पर सीसीएल भुगतान पर एकनजर
चीनी मिल गन्ना कीमत भुगतान सीसीएल की मांग
धामपुर 106.17 27.87 470
स्योहारा 82.15 41.30 449
बिजनौर 7.92 00 75
चांदपुर 15.89 00 62
नजीबाबाद 13.16 00 259.34
बहादरपुर 60.23 20.63 156.83
बरकातपुर 69.91 10.50 140
बुंदकी 59.76 21.71 216.75
बिलाई 49.21 00 00
नोट: सभी राशि करोड़ रुपये में है।
बिलाई मिल को नहीं मिलती सीसीएल
बजाज ग्रुप की बिलाई चीनी मिल को कोई बैंक सीसीएल नहीं देता है। मिल अफसरों के अनुसार ग्रुप ने कई प्रोजेक्ट पर पहले से ही लोन लिया है। इसलिए बैंक मिल को सीसीएल नहीं देते हैं। गन्ना भुगतान के लिए मिल पूरी तरह बाजार में ही चीनी बेचने पर निर्भर है।
किया जाएगा गन्ना भुगतान
बिजनौर चीनी मिल के प्रशासनिक अधिकारी एके सिंह के अनुसार मिल ने बैंक से सीसीएल मांगा है। सीसीएल मिलने पर इससे किसानों को गन्ना भुगतान किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें