संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। वर्तमान सीजन में भी गन्ना प्रजाति 0238 लल सड़न यानी (गन्ना कैंसर) की चपेट में है। रोग ग्रस्त गन्ना होने से उसके उत्पादन पर असर आया है। चीनी मिलों की संख्या व क्षमता वृद्धि होने व गन्ना उत्पादन कम होने से चीनी मिलों के बीच खींचातान जारी है। मिलों ने क्षेत्र के रोग ग्रस्त गन्ना का सर्वे कराया। गन्ना सुरक्षण बैठक में चीनी मिलें इसी आधार पर ज्यादा गन्ना क्षेत्र की मांग करेंगी।
जनपद में दो लाख 60 हजार गन्ना क्षेत्रफल है। इस की पेराई के लिए जनपद में दस चीनी मिलें है। जिले की दसवीं चीनी मिल चांगीपुर गत पेराई सत्र से शुरू हुई है। इस चीनी मिल के पहले पेराई सत्र में कम क्षेत्रफल मिला था, लेकिन इस बार क्षमतानुसार, नियमानुसार क्षेत्रफल मिलेगा। वहीं गत सीजन के सापेक्ष इस सीजन में भी गन्ना फसल को लाल सड़न यानी गन्ना कैंसर ने अपनी चपेट में ले लिया है। रोग ग्रस्त गन्ने का उत्पादन कम होगा।
इससे किसानों को आर्थिक हानि होगी। चीनी मिलों अपने क्षेत्र के खराब गन्ने का सर्वे कराकर ज्यादा क्षेत्रफल आवंटित करने की मांग कर रही है। इसी के आधार पर चीनी मिलें लखनऊ में होने वाली गन्ना सुरक्षण की बैठक में ज्यादा गन्ना आवंटित करने की पूरजोर पैरवी करेंगी। कई चीनी मिलों के अफसरों का कहना है कि उत्पादन कम होने से चीनी मिलें गत पेराई सत्र से भी पहले बंद होने की संभावना रहेगी। फसल रोग ग्रस्त होने से किसान व चीनी मिल दोनों को हानि है।
n सूख रहा पूरा खेत : किसान सूर्यवीर सिंह, पंडित इंद्रकुमार शर्मा, गुड्डू, सूरपाल सिंह का कहना है कि लाल सड़न रोग से खेत पूरा खराब हो गया। हालात यह है कि दिनों दिन रोग ग्रस्त गन्ना सूख रहा है। इस रोग से प्रभावित फसल की पत्तियां पीली पड़ी और सूख रही है। गन्ने का विकास प्रभावित हो गया। लाल सड़न रोग यानी कैंसर की वजह से खेती खड़ी गन्ना फसल बर्बाद हो गई।