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को-0238 गन्ना प्रजाति का बदलाव ही लाल सड़न रोग का एक मात्र निदान : सुखवीर सिंह

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स्योहारा। इस वर्ष भी गन्ना प्रजाति को. 0238 में रेड रॉट (लाल सड़न) रोग का भयंकर प्रकोप है। किसानों की इस गन्ने प्रजाति की फसल इस बार भी पूरी तरह बीमारी के कारण नष्ट हो चुकी है। शुगर मिल ने इस बीमारी के निदान के लिये इस गन्ना प्रजाति का बदलाव ही एक मात्र उपाय बताया है। शुगर मिल के अधिशासी अध्यक्ष सुखवीर सिंह ने बताया कि पांच नवम्बर से पेराई सत्र शुरू हो जाएगा। उन्होंने इस बार भी गन्ना प्रजाति को. 0238 में रेड रॉट (लाल सड़न) की बीमारी का प्रकोप अधिक होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस गन्ना प्रजाति का बदलाव ही एक मात्र उपाय है। सुखवीर सिंह ने किसानों से कहा कि को. 0238 गन्ना प्रजाति की बुवाई बिल्कुल न करें। बल्कि इसके स्थान पर को. 0118, को. 15023 व जल भराव वाले क्षेत्रों में को. लख 14201 की ही बुवाई करें। इसके लिए किसानों को शुगर मिल से प्रयाप्त बीज उपलब्ध कराया जाएगा। चीनी मिल उपाध्यक्ष गन्ना विभाग अरविन्द सिंह ने किसानों से कहा कि रेड रॉट बीमारी से सूख चुके खेतों को तुरंत जोत कर खेत खाली करें व ट्राईकोडर्मा को गोबर की खाद में मिला कर एक सप्ताह तक रखने के बाद चार किलो ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से अंतिम जुताई पर डालकर खेत को तैयार करे। बताया कि ट्राईकोडर्मा का प्रयोग पेड़ी के खेतों में भी करें साथ ही गन्ना प्रजाति को. 0118 व को. 15023 में पचास किग्रा प्रति एकड़ पोटाश अवश्य डालें। संवादी
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