बिजनौर। कोतवाली ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय बूढ़ावाला में छात्र-छात्राएं एस्ट्रोनॉमी लैब में ब्रह्मांड के रहस्यों को जानेंगे। रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भी पढ़ाई करेंगे। इसके लिए इस स्कूल में एस्ट्रॉनॉमी (खगोल विज्ञान), रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आधारित हब तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
जनपद बिजनौर समेत प्रदेश के हर जिले में एक एक सरकारी विद्यालय का चयन कर उसमें स्किल हब बनाया जाएगा। इसके लिए शासन ने विद्यालय का चयन कर नाम मांगा है। विद्यालय में अच्छी स्थिति में कम से कम दो रिक्त अतिरिक्त कक्षा-कक्ष उपलब्ध हों, जिन्हें प्रयोगशाला एवं स्किल हब के रूप में विकसित किया जा सके। वहां बिजली, इंटरनेट सुविधाएं उपलब्ध हो। ताकि चयनित विद्यालय में एस्ट्रॉनॉमी लैब, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे आधुनिक विषयों की पढ़ाई कराई जा सके।
जिले बेसिक शिक्षा विभाग ने मानकों के आधार पर कोतवाली ब्लाक के कंपोजिट विद्यालय बूढ़ावाला का चयन कर उसका प्रस्ताव भेज दिया। विभागीय अफसरों के अनुसार करीब चार लाख रुपये की लागत से इस स्किल हब को तैयार किया जाएगा।
एस्ट्रोनॉमी लैब और स्किल हब की विशेषताएं
- एस्ट्रोनॉमी लैब में छात्र-छात्राओं को तारों, ग्रहों और ब्रह्मांड से जुड़ी मिलेंगी जानकारियां।
- छात्रों को रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी।
- परिषदीय विद्यालय अब तकनीकी शिक्षा के साथ कदमताल करेंगे। बढ़ेगी शिक्षा गुणवत्ता।
- प्रारंभिक शिक्षा से ही छात्र-छात्राओं में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि बढ़ेगी।
- छात्र नई सोच के साथ आगे बढ़ेंगे और अपने भविष्य को बेहतर बना सकेंगे।
जनपद में एस्ट्रोनॉमी लैब और रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आधारित स्किल हब तैयार करने के लिए पीएम श्री स्कूल का नाम मांगा गया था। मुख्यालय के निर्देशानुसार मानकों के आधार पर कोतवाली ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय बूढ़ावाला का चयन सूचना भेज दी गई है।
-योगेंद्र कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी