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सहमति देने के बाद भी स्कूल नहीं आ रहे छात्र-छात्राएं

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बिजनौर। जिले के स्कूलों मे पठन -पाठन के लिए आने वाले छात्रों की संख्या में दूसरे दिन मामूली बढ़ोत्तरी हुई है। वित्तविहीन स्कूलों में छात्र संख्या की वृद्धि अधिक है। अभिभावकों की सहमति के बाद भी छात्र स्कूल नहीं आ रहे हैं।
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यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई आदि सभी बोर्ड के स्कूल 19 अक्तूबर से पढ़ाई के लिए खुल गए ह़ैं। अभिभावकों की सहमति के बाद ही छात्रों को स्कूल बुलाया जा रहा है। यूपी बोर्ड के 387 स्कूलों में 18 अक्तूबर तक 40587 अभिभावकों की सहमति मिली थी। पहले दिन 15048 छात्र स्कूल आए। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के अनुसार स्कूलों से सहमति की संख्या बढ़ने की सूचनाएं नहीं मिली है। दूसरे दिन स्कूल आने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या करीब एक हजार बढ़ी है। स्कूलों को सहमति देने वाले अभिभावकों से संपर्क करने को कहा गया है। स्कूल कोरोना से बचाव के इंतजामों की जानकारी दें। नोडल अधिकारियों से रोजाना रिपोर्ट देने को कहा गया है।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बिजनौर की प्रधानाचार्या निर्मला शर्मा ने बताया कि नौवीं तथा दसवीं की छात्राओं की संख्या पहले दिन के मुकाबले दो गुनी थी। वित्तविहीन शिक्षक संघ नेता एवं लोकप्रिय इंटर कॉलेज केलनपुर के प्रधानाचार्य हरवीर सिंह, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पावटी के प्रधानाचार्य अजबसिंह ने बताया कि स्कूल आने वाले छात्रों की संख्या बढ़ी है। शिक्षक अभिभावकों से घर-घर संपर्क कर उन्हें स्कूल में छात्रों की सुरक्षा व्यवस्थाओं के बारे में बता रहे हैं।
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हीमपुरदीपा। सरदार वल्लभभाई पटेल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झाल उलेढा में पहली पारी में 13 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यालय में छात्रों के अभिभावकों की सहमति के अनुरूप भी छात्र-छात्राएं विद्यालय नहीं आ रहे हैं। किसान इंटर कॉलेज मुकरपुर गुर्जर के प्रधानाचार्य दिग्विजय सिंह ने बताया कि विद्यालय में मात्र 23 छात्र उपस्थित रहे। चौधरी चरण सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फतेहपुर कला के वरिष्ठ सहायक रूपल कुमार ने बताया कि विद्यालय में 41 छात्राएं उपस्थित रहीं।
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