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Bijnor News: आवारा कुत्तों का आतंक, हमला कर लोगों को कर रहे घायल

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कासमपुरगढ़ी। विकास खंड अफजलगढ़ के ग्रामीण और नगर क्षेत्रों में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। इन कुत्तों के हमलों से हर माह करीब 300 लोग घायल होकर रेबीज रोधी इंजेक्शन लगवाने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे हैं। कई गांवों में महिलाओं और बच्चों पर हमले से मौत की घटनाएं भी सामने आई हैं। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद अब प्रशासन ने इस समस्या पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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कुत्तों के झुंड सुबह-शाम सड़कों और खेतों के किनारे घूमते रहते हैं। ये स्कूली बच्चों का रास्ता रोकते हैं और दोपहिया वाहन चालकों के पीछे भागते हैं। फतेहपुरधारा, भागीजोत, कासमपुरगढ़ी, आलमपुर, मोहम्मदपुर राजौरी, सुआवाला और मच्छमार जैसे कई गांवों में स्थिति गंभीर है। अफजलगढ़ नगर में भी यह समस्या विकराल रूप ले चुकी है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों, खंड विकास अधिकारी और उपजिलाधिकारी तक शिकायतें की हैं। हालांकि, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। लोग अब लाठी लेकर घर से निकलने को मजबूर हैं।
-भाकियू अराजनीतिक के खंड अध्यक्ष सरदार महल सिंह ने बताया कि खंड क्षेत्र में रोजाना कई लोगों को कुत्ते काट रहे हैं। खेतों पर जाना और बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
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-सरदार महल सिंह ने प्रशासन से अभियान चलाकर कुत्तों को पकड़वाने की मांग की। वीरेंद्र सिंह ने बताया कि झुंड में घूम रहे कुत्ते महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को ज्यादा निशाना बनाते हैं। वे अकेला पाकर घेर लेते हैं और हमला कर देते हैं। गांव में दो बच्चों को बुरी तरह जख्मी कर दिया गया था।
-सरदार बूटा सिंह ने बताया कि कुत्ते गलियों और स्कूल के रास्तों पर ही बैठे रहते हैं। वे छोटे बच्चों को घेरकर हमला कर देते हैं, जिससे उनकी जान पर बन आती है। रात में घर से निकलना भी दूभर हो गया है। उन्होंने इस समस्या को अब जानलेवा बताया।
-रामप्रसाद सिंह ने कहा कि आवारा कुत्ते पालतू पशुओं पर भी हमला करते हैं। बाइक के पीछे कुत्तों के भागने से कई बार लोग गिरकर घायल हो चुके हैं।

-वर्जन
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी मनवीर सिंह ने ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी का आदेश जारी हो चुका है। आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए वन विभाग के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। खंड विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिस ग्राम पंचायत में कुत्तों को पकड़वाया जाएगा, उसका खर्च संबंधित ग्राम पंचायत ही वहन करेगी।
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