अफजलगढ़। वोट डालने की पर्ची लेने को लेकर हुए विवाद में कासमपुरगढ़ी गांव के प्रधान पद के प्रत्याशियों के समर्थक आपस में भिड़ बैठे।
एक दूसरे पर जमकर पथराव हुआ। पुलिस ने सड़क पर लाठियां फटकारकर भीड़ को भगाया। इस मामले में दोनों पक्षों के 11 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने छह बाइक भी जब्त की हैं।
अफजलगढ़ ब्लॉक में मंगलवार को प्रधान पद के दूसरे चरण का चुनाव था। कासमपुरगढ़ी गांव में प्रत्याशियों के समर्थक सड़क के दोनों ओर बस्ता बिछाकर मतदाताओं को पर्चियां बांट रहे थे। शाम को करीब तीन बजे गांव का एक व्यक्ति पर्ची लेने के लिए प्रत्याशी के बस्ते पर पहुंचा।
उसे देखकर पास ही बस्ते बिछाए बैठे दूसरे प्रत्याशी का समर्थक आया तथा पर्ची ले रहे व्यक्ति को खींचकर अपने बस्ते की ओर ले जाने लगा। इसको लेकर दोनों पक्षों में आपस में हाथापाई शुरू हो गई। दोनों के समर्थक आ गए तथा एक दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया।
करीब दस 15 मिनट तक पथराव होता रहा। पथराव में कई लोगों को गुम चोट आई इसके बाद वहां भगदड़ मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों ओर से आतंकित करने के लिए फायरिंग भी हुई।
वहां मौजूद एसपी देहात धर्मवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लाठियां फटकारकर भीड़ को खदेड़ा। सात लोगों को मौके से हिरासत में ले लिया। घटना के बाद डीएम तथा एसपी मौके पर पहुंच गए। पुलिस बल के साथ आसपास तलाशी ली गई।
डीएम ने बताया कि 11 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस कार्रवाई की जा रही है। हिरासत में लिए एक व्यक्ति के पास तमंचा बरामद हुआ है। मौके से छह लावारिस बाइक मिली जिन्हें सीज कर दिया है।
अधिकारियों के हाथ-पैर फूले
धामपुर। अल्हैपुर ब्लाक के गांव पीपलसाना में एक बूथ के मतदान कर्मी और उसकी मतपेटियों को बस वहीं पर छोड़ कर धामपुर आ गई है।
बाद में अधिकारियों को पता लगने पर उनके हाथ पांव फूल गए। क्षेत्र में तैनात किए गए सेक्टर मजिस्ट्रेट को गांव में भेजा गया।
उनकी गाड़ी से मतपेटियों के साथ मतदान कर्मी धामपुर आए और केएम इंटर कालेज में मतपेटियों को जमा कराया। बताया गया कि जो टीम गांव में रह गई थी, कार्य सुस्त होने की वजह से ऐसा हुआ। अधिकारियों ने बस चालक और वहां के कंट्रोलर अधिकारी को फटकार लगाई।
दो संदिग्ध युवक पकड़े
बिजनौर। प्रधानी चुनाव में प्रत्याशियों ने फर्जी और जबरन मतदान के इरादे से मुंबई और दिल्ली से लोग बुलाए थे। डीएम जब पित्थापुर मतदान केंद्र पर पहुंचे, तो उन्होंने वहां मौजूद युवक मोहम्मद दानिश और मोहम्मद वसीम से पहचान पत्र मांगा।
वे कोई आईडी नहीं दिखा सके। इसी केंद्र पर मौहम्मद शाकिर से जब इस बारे में पूछा, तो उसने बताया कि वह मुम्बई से आया है। ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि वह इस गांव का रहने वाला नहीं है और न ही वे उसे जानते है। मामले को डीएम ने गंभीरता से लिया तथा उसकी कुंडली खंगालने के निर्देश पुलिस को दिए।
साहनपुर नवादा मतदान पर डीएम ने तीन युवकों को पकड़ा तथा सही परिचय पत्र न दिखा पाने पर उन्हें पुलिस को सौंप दिया। कई ग्रामीणों ने बताया कि प्रत्याशियों ने बाहर से लोगों को बुला रखा है। डीएम ने इन केंद्रों पर पीएसी व अतिरिक्त पुलिसबल तैनात कर दी।