बिजनौर। टीकाकरण अभियान में हर बार हाई रिस्क (एचआर) एरिया और हाई रिस्क ग्रुप में बच्चे टीके लगने से छूट जाते हैं। इन बच्चों को छह जानलेवा बीमार (पोलियो, खसरा, काली खांसी, टीबी, गल घोंटू यानि डिप्थीरिया, पीलिया) आदि बीमारी होने का खतरा बना रहता है।
जिले में कोतवाली देहात ब्लाक में 28 और किरतपुर ब्लाक में 22 हाई रिस्क एरिया हैं, जहां इन बीमारियों का सबसे अधिक खतरा बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इन क्षेत्रों में शून्य से एक वर्ष की आयु के करीब 22 हजार बच्चे हैं।
इनके लिए टीकाकरण अभियान जल्द शुरू किया जाएगा। शनिवार तक इन बच्चों को सभी टीके लगवाने का लक्ष्य रखा गया है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. शैलेश जैन ने बताया कि एचआर एरिया और ग्रुप में बीमारियों के फैलने का अधिक खतरा बना रहता हैं। इन क्षेत्रों को अलग से विशेष अभियान चलाया जाएगा।
जिले के हाई रिस्क एरिया
बिजनौर। जलीलपुर ब्लाक में दस, नूरपुर में 11, कासमपुर गढ़ी में दस, नजीबाबाद में 13, चंदक में 11, स्योहारा में 14, धामपुर में 13, नहटौर में नौ, किरतपुर में 22 हल्दौर में 13, कोतवाली देहात में 28 एरिया हैं।
776 ग्रुप हाई रिस्क
बिजनौर। 305 भट्टा क्षेत्र, 26 कंस्ट्रक्शन क्षेत्र, 420 घुमंतू परिवार और 25 स्लम ग्रुप हैं। ये सभी ग्रुप हाई रिस्क ग्रुप में शामिल हैं, जहां जानलेवा बीमारियों के फैलने का अधिक खतरा हैं।