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स्टेशन रोड बनी तालाब, पैदल चलना भी मुश्किल

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अमित कुमार। - फोटो : BIJNOR
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स्टेशन रोड बनी तालाब, पैदल चलना भी मुश्किल
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बिजनौर। एक ओर जहां शहर की सड़कों की खूबसूरती को लेकर नगर पालिका से लेकर प्रशासन तक दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर में नगीना रोड से स्टेशन को जोड़ने वाली सड़क सालों से बदहाल है। इस सड़क को कौन ठीक कराएगा आज तक इसका ही फैसला नहीं हो सका है। दो दिन हुई बारिश के बाद हालात यह हैं कि सड़क में बने गहरे गड्ढे तालाब का रूप ले चुके हैं। यहां से वाहन के साथ तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल है।
नगीना रोड पर फाटक के पास से रेलवे स्टेशन तक करीब 200 मीटर सड़क की हालत बेहद खराब है। यहां पर सालों पहले पक्की सड़क होती थी, लेकिन वर्तमान में इस सड़क पर सैकड़ों गड्ढे हो गए हैं। हालात यह है कि गड्ढों के बीच कुछ सड़क शेष बची है। तीन दिन बारिश के बाद इस रोड के हालात और बिगड़ गए। खासतौर से स्टेशन आने जाने वाले लोगों को बहुत परेशानी होती है। रात के अंधेरे में अक्सर लोग दुपहिया वाहन के साथ इन गड्ढों के कारण दुर्घटना का शिकार होते रहते हैं। इस सड़क को रेल विभाग अपनी बता रहा है, ऐसे में इसे किसी ओर को ठीक कराने का अधिकार नहीं है। रेलवे इस सड़क की न तो स्वयं मरम्मत करा रहा है और न ही स्थानीय प्रशासन को करने दे रहा है। दोनों के बीच सड़क को लेकर पत्र व्यवहार चल रहा है और परेशानी जनता को उठानी पड़ रही है।
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यात्री इसी मार्ग का करते हैं इस्तेमाल: मानव सचदेवा
रेलवे स्टेशन आने और जाने वाले अधिकांश यात्री इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। कई बार इसे ठीक कराने की मांग उठ चुकी है, लेकिन कोई सुनने को ही तैयार नहीं है।
सामान ले जाने और लाने में होती है परेशानी: मनोज कुच्छल
रेलवे स्टेशन पर जब व्यापारियों का सामान आता है तो इस मार्ग से आने-जाने में बहुत परेशानी होती है। इसे शीघ्र ठीक कराना चाहिए, ताकि व्यापारियों को परेशानी न हो।
गड्ढों से हो रही दुर्घटनाएं: अमित कुमार
यह मार्ग ऐसा है कि इसमें रात तो दूर, दिन में ही लोग गिरते दिख जाते हैं। जहां कार जैसे वाहनों में नुकसान की आशंका रहती है, वहीं दुपहिया वाहन सवार दुर्घटना का शिकार बन रहा है। इसे शीघ्र ठीक कराना चाहिए।
जिम्मेदारी तय होनी चाहिए: दीपक अरोड़ा
इस मार्ग को लेकर काफी समय से मांग चल रही है, लेकिन इसे ठीक कौन कराएगा, कभी तय नहीं हो सका। इसे ठीक कराने की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, ताकि इसे शीघ्र ठीक कराया जा सके।
दो साल से चल रहा चिट्ठी-पत्री का खेल
बिजनौर। करीब दो साल से प्रशासन और रेलवे विभाग में चिट्ठी पत्री का खेल चल रहा है। प्रशासन ने जब दो साल पहले इस मार्ग को जनहित में ठीक कराने के लिए पत्र लिखा तो रेलवे ने अपनी ओर से चिट्ठी लिखकर इस मार्ग को आम रास्ता न होने का दावा कर दिया। रेलवे ने जवाब दे दिया था कि यह मार्ग गोदाम तक वाहन आने-जाने के लिए बना है। इसके बाद फिर से इस मार्ग से आम लोगों के गुजरने की बात कही गई तो रेलवे विभाग ने इसके लिए प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजने का दावा किया। हालात यह हैं कि दो साल से केवल पत्र ही लिखे गए और मार्ग की हालत बद से बदतर हो गई।
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हमारी ओर से रेलवे विभाग को जनहित देखते हुए इस मार्ग को ठीक कराने के लिए पत्र लिखा गया है। यहां से रोजाना सैकड़ों लोग निकलते हैं और रेलवे स्टेशन तक पहुंचते हैं। अभी रेलवे की ओर से पत्र का जवाब नहीं आया है।
- उमेश मिश्रा, डीएम, बिजनौर

नोज कुच्छल।- फोटो : BIJNOR

मानव सचदेवा।- फोटो : BIJNOR

दीपक अरोड़ा।- फोटो : BIJNOR

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